Sunday, 24 January 2021

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होली पर एक विशेष आयोजन फागणिया फुटबॉल


Shyam Narayan Ranga

उन्मुक्त भाव से जीना शायद दुनिया भूल गयी है, और हमारे पुरखों को इस बात को अहसास था कि आने वाला हर दिन आदमी को मशीन बनने को मजबूर कर देगा, शायद इसी सोच को ध्यान मे रखते हुए त्यौंहारों के माध्यम से आम आदमी के लिए खुशियाँ के सृजन करने का अवसर बना गये। इन अवसरों मे होली शायद सबसे उन्मुक्त भाव से मनाने का त्यौंहार है क्योकिं इस दिन राजा - रंक, बैर-भाव या छोटा-बडा सब तरह के बन्धनों से मुक्त होकर सभी लोग आनन्द मे डूब जाते है, और बात जब बीकानेर की हो तो होली पर्व का हर एक दिन कुछ विशेष ही होता है। 

 
Holi Swang

 राजस्थान का यह बीकानेर शहर होली के होलकाष्टक से प्रारम्भ होकर धुलंडी के दिन देर रात तक जमकर मनाता है। रंगों के इस त्यौंहार मे शहर वासियों के उत्साह, उमंग और उनकी आयोजनधर्मिता की वजह से पूरी तरह आनन्द मे डुब जाता हैं। मस्ती मे सरोबार लोग होली के रंग में ऐसे रंगते हैं कि बस देखते ही बनता है। इसी मस्ती और उत्साह व उमंग के बीच बीकानेर में होली का एक विशेष आयोजन होता है - फागणिया फुटबॉल का मैच। जी हाँ,  एक विशेष प्रकार का फुटबॉल मैच जिसमें पुरूष व महिलाऍं दोनो की फुटबॉल खेलते हैं। बीकानेर के पुष्करणा स्टेडियम में होने वाले इस आयोजन को देखने के लिए हजारों की संख्या में दर्शक पहचते हैं।


Dolchimar Holi between Harsh and Vyas community at Bikaner बीकानेर में आयोजित होने वाले इस फागणिया फुटबॉल के मैच की शुरूआत बीकानेर के वरिष्ठ समाजसेवी स्व. ब्रजरतन व्यास उर्फ ब्रजूभा ने की थी। आज वे दुनिया में नहीं है लेकिन उनकी याद में हर वर्ष यह आयोजन उनको श्रदांजली स्वरूप किया जाता है। इस मैच में होली पर स्वांग बने पुरूष भाग लेते ह। इसमें एक तरफ पुरूषों की टीम होती है तो दूसरी तरफ स्वांग बने महिलाओं की टीम। वास्तव में ये होते पुरूष ही है लेकिन महिलाओं का स्वांग धरे होते हैं।

पुरूषो की टीम में जहाँ आपको ब्रह्मा, विष्णु,महेश जैसे त्रिदेव दिखाई देंगे तो लालू यादव, मनमोहन सिंह, राहुल गाँधी सहित अनिल अंबानी व तांत्रिक चंद्रास्वामी के स्वांग भी देखने को मिलगे। इन स्वांगों की महिला टीम में देवी दुर्गा, अम्बा होंगी तो सोनिया गाँधी, मायावती, सानिया मिर्जा सहित विश्व प्रसिद्ध हस्तियों के स्वांग भी दिखाई देंगें। मैच खेलते वक्त आपको देखने को मिलेगा कि सोनिया ने फुटबॉल को किक मारी और अटलबिहारी वाजपेयी ने उस किस को रोक लिया। जहाँ महादेव स्वयं बॉल लेकर आगे बढते हैं तो माँ पार्वती महादेव को रोकने के लिए आती है। इसी जगह पर गोलकिपर के रूप में आपको भगवान गणेश दिखाई दे जाएंगे। लालू बॉल क पीछे पीछे भागते हैं तो मायावती बॉल को छिनने के लिए सामने से आती है। अमिताभ बच्चन गोल करना चाहते हैं तो माधुरी उनको रोकती है। इसी तरह हँसी मजाक के बीच यह फुटबॉल का मैच खेला जाता है। स्वांग धरे इन किरदारों के मैच को देखने के लिए लोगों का हूजूम उमड पडता है और इस मैच में रैफरी के रूप में आपको हाथ में हंटर लिए कोई भी किरदार दिखाई दे जाएगा। 

Holi Swangइस मैच में एक जमाने में स्वर्गीय ब्रजरतन व्यास उर्फ ब्रजूभा स्वयं रैफरी की भूमिका निभाते थे। पूरे शरीर पर काला रंग लगाए और हाथ में चाबुक लिए ब्रजूभा सारे खिलाडयों को नियंत्रित करते थे। वर्तमान में यह दायित्व कन्हैयालाल रंगा उर्फ कन्नॅ भाई जी निभाते हैं। इसी के साथ शहर के नौजवान, बुजुर्ग सहित बच्चे भी इस फुटबॉल मैच में हिस्सा लेते हैं। फागणिया फुटबॉल के इस मैच का साल भर लोगों को इंतजार रहता है और होली के दिनों में लोग एक दूसरे से पूछते रहते हैं कि कब है ये मैच। इस मैच में हिस्सा लेने वाले एक युवा उदयकुमार व्यास से बात करने पर उसने कहा कि हमारे लिए यह मैच गर्व का प्रतीक है और हम इसके लिए काफी तैयारी भी करते हैं। मैच के आयोजकों में से एक दिलीप जोशी ने बताया कि मैच से दो दिन पहले मैदान तैयार करवाया जाता है ताकि खिलाडयों को तकलीफ न हो और दर्शक भी आसानी से यह मैच देख सके। मैच में हर वर्ष महिला किरदार निभाने वाले राम जी रंगा ने हमें बताया कि वे इस स्वांग का रूप धारण करने के लिए हजारों रूपये खर्च करते हैं और रूपये खर्च करना कोई विशेष बात नहीं है जितनी विशेष बात परम्परा को निभाना है। मैच के रैफरी कन्हैयालाल रंगा ने बताया कि वे हर वर्ष इस मैच के माध्यम से पानी, बिजली बचाने का या सब को पढाने का या स्वास्थ्य सही रखने का संदेश भी स्वांग के माध्यम से देते हैं।


वर्तमान में यह फागणिया फुटबॉल का मैच अपनी विशेष पहचान बना चुका है
। बीकानेर से बाहर रहने वाले लोग कलकत्ता, चेन्नई, जोधपुर, फलोदी, नागौर, पोकरण, जैसलमेर, मम्बई, हैदराबाद आदि आदि जगहों से होली के रंग में सरोबार होने और इस मैच की स्मृतियाँ अपने मानस पटल पर सजीव करने के लिए बीकानेर आते हैं। अगर आप भी इस मैच में खेलना चाहते हैं या देखना चाहते हैं तो चले आईये बीकानेर में आपका स्वागत है, आईए और रंग जाईए बीकानेर की इस विशिष्ट आनन्ददायक होली में