Saturday, 29 April 2017

भुगतान की नई ऊर्जा है - ओजस


चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग राजस्थान सरकार जयपुर द्वारा प्रसव पश्चात प्रसूता तथा होने वाली लड़की को दिये जाने वाले परिलाभों का आॅनलाइन भुगतान प्रक्रिया प्रारम्भ किया गया है जिसके स्वास्थ्य विभाग की दोनों महत्वपूर्ण योजनाओं जननी शिशु सुरक्षा एवं शुभलक्ष्मी योजनाओं का क्रियान्वयन और बेहतर तरीके से जमिनी स्तर पर हो पायेगा इस नयी प्रक्रिया को विस्तार से समझने के आपके समक्ष प्रस्तुत है यह आलेख -


अब ओजस के जरिये हो प्रसूताओं के लाभों का भुगतान -


राजस्थान के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने दिनांक 01 अगस्त 2015 से राजकीय चिकित्सा संस्थानों पर होने वाले प्रसवों पर प्रसुताओं को मिलने वाले जननी सुरक्षा योजना एवं मुख्यमंत्री शुभलक्ष्मी योजनान्तर्गत मिलने वाले परिलाभों को अब सीधे प्रसूताओं के बैंक खातों में जमा करवाने की एक नयी पहल की है।


इस आॅनलाईन भुगतान की प्रक्रिया के प्रथम चरण की शुरूआत 01 अगस्त 2015 से राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं उससे उच्च स्तर के चिकित्सा संस्थानों पर की जा चुकी है। इसके लिए विभाग ने Online JSY And Shubhlaxmi Payment System (OJAS) शुरू किया है। इसमें गर्भवती महिला का एएनसी रजिस्टेशन, संस्थागत प्रसव होने पर प्रसव की सूचना एवं प्रसव पश्चात 48 घण्टे बाद डिस्चार्ज की सूचना आॅनलाईन भरने के बाद संस्था के प्रभारी या उसके द्वारा अधिकृत अधिकारी द्वारा प्रसूताओं के भुगतान की जांच कर उसे वेरिफाई किया जाता है। प्रत्येक चिकित्सा संस्थान के द्वारा प्रतिदिन के समस्त भुगतान वेरिफाई कर दिये जाने के बाद उस दिन के समस्त भुगतान राज्य स्तर से रिलीज कर दिये जाते हैं जो प्रसूता द्वारा दिये गये स्वयं के बैंक खाते में जमा हो जाता है।


आॅनलाइन भुगतान देने वाला देश का प्रथम राज्य -


जननी सुरक्षा योजना एवं मुख्यमंत्री शुभलक्ष्मी योजना के परिलाभों का प्रसूताओं के बैंक खातों में आॅनलाईन भुगतान करने की यह महती पहल करने वाला राजस्थान भारत का प्रथम एवं एकमात्र राज्य है। इससे पहले भी यह विभाग 2005 से शुरू हुए राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत महत्वपूर्ण भुमिका अदा करने वाली आशा सहायोगिनीयों के कार्य की सफल मोनिटरिंग एवं उनके कार्य के आधार पर उनके वेतन का आॅनलाईन भुगतान करने का कार्य भी आॅनलाईन साॅफ्टवेयर द्वारा प्रारम्भ कर चुका है, जो एक ही वर्ष में *e-Health Healthcare Leader's Award -New Delhi 2015 तथा e-lets Knowledge Exchange- GOA 2015’ जैसे अवार्डाें से सम्मानित हो चुका है।


आॅनलाईन भुगतान का लाभ उठाने के लिए क्या करें-


चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा दिये जा रहे परिलाभों को प्रसूता के बैंक खाते में आॅनलाईन प्राप्त करने के लिए प्रसूता को टीकाकरण कार्ड, एक पहचान का दस्तावेज एवं अपने बैंक खाते की पासबुक की प्रति प्रसव के समय साथ ले जानी चाहिए, यदि प्रसूता ने पहले से बैंक खाता नहीं खुलवा रखा है तो उसे कोई एक पहचान का दस्तावेज एवं दो फोटो तथा एक पहचान का दस्तावेज जो चिकित्सा संस्थान के प्रभारी द्वारा प्रमाणित कर दिया जावेगा जिससे स्वयं या अपने परिजन द्वारा बैंक में सम्पर्क कर खाता खुलवाने हेतु आवेदन करना होगा। बैंक उसका खाता जीरो बैलेन्स में खोलेगा।


प्रसूताओं के परिलाभों का भुगतान उनके बैंक खातों में आॅनलाईन माध्यम से किये जाने के इस कार्य को अधिक प्रभावशाली एवं सफल बनाने के लिए एएनएम एवं आशा सहयोगिनीयों द्वारा प्रसूता के एएनसी रजिस्ट्रेशन के दौरान या एएनसी जांच के समय उनसे अपने बैंक खाता से सम्बन्धित जानकारी यथा बैंक का नाम खाता नम्बर एवं आईएफएससी कोड लेकर उनका आॅनलाईन इन्द्राज करवाया जा रहा है जिससे कि प्रसव पश्चात उन्हें तुरन्त आॅनलाईन भुगतान किया जा सके। बैंक खातों में आॅनलाईन भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो जाने के बाद अब प्रसूताओं को अपना अकाउंट-पे चेक लिए चिकित्सा संस्थान और बैंकों के मध्य चक्कर लगाने से राहत मिली है।


क्या है जननी सुरक्षा योजना एव मुख्यमंत्री शुभलक्ष्मी योजना -


जननी सुरक्षा योजना -


वर्ष 2005 से संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने एवं मातृ एवं शिशु मृत्युदर कम करने के उद्देश्य से प्रारम्भ की गई इस योजना के अन्तर्गत निम्न परिलाभ देय है-


1.इस योजना का लाभ सभी वर्ग की महिलाओं को सरकारी एवं चिन्हित गैर सरकारी संस्थान पर प्रसव कराये जाने पर देय है।


2.इसके अन्तर्गत शहरी क्षेत्र की प्रसूताओं को 1000 रूपये एवं ग्रामीण क्षेत्र की प्रसूताओं को 1400 रूपये दिये जाते हैं।


3.इसके अन्तर्गत आशा सहयोगिनी द्वारा गर्भवती महिला की तीन एएनसी जांचें करवाने पर 300 रूपये एवं संस्थागत प्रसव हेतु प्रेेरित करने पर 300 रूपये की राशि दी जाती हैं।


4.बीपीएल परिवार की महिला के घरेलू प्रसव होने पर भी संबन्धित प्रसाविका या पास के चिकित्सा संस्थान द्वारा उसे 500 रूपये की राशि दी जाती है।


मुख्यमंत्री शुभलक्ष्मी योजना -


01 अप्रैल 2013 से प्रारम्भ की गई इस योजना के अन्तर्गत निम्न परिलाभ देय है-


1. प्रथम परिलाभ - राजकीय या अधिस्वीकृत चिकित्सा संस्थानों पर संस्थागत प्रसव से बालिका जन्म पर 2100 रूपये की राशि दी जाती है।


2.द्वितीय परिलाभ - 1 वर्ष पश्चात बालिका के प्रथम जन्म दिवस पर 2100 रूपये की अतिरिक्त राशि दी जाती है।


3.तृतीय परिलाभ - बालिका की उम्र 5 वर्ष होने पर तथा विद्यालय में प्रवेश पर 3100 रूपये की राशि दी जायेगी।


                              सुखाराम, नीमनगर, तहसिल जायल, जिला नागौर