Saturday, 29 April 2017

फेसबुक की सफलता आम युवाओं के लिए बनी उदाहरण


Anand Acharya - Editor of KhabarExpress.comयुवाओं के लिए सामने कैरियर संवारने के लिए विषय चुनना हमेशा ही एक टेढी खीर रही है, लेकिन फेसबुक की अपार सफलता ने विषय के लिए भटक रहे युवाओं के सामने बेहद पुराने सामाजिक ढांचे के संचार व्यवस्था को नये तौर तरीकों मे ढालते हुए बेहद सफल व्यावसायिक मिसाल करते हुए युवाओं के कैरियर के लिए एक नसीहत के तौर पर भी उभरी है। फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकेरबर्ग के अनुसार अगर आप अगर मजबूज इच्छाशक्ति के मालिक है तो मन और दिमाग मे उमड घुमड रहे कोई साधारण विषय को लेकर साधारण शुरूआत से भी आप अप्रतिम सफलता हासिल कर सकते है। 

 
सामाजिक व्यवस्था मे व्यवसाय की बात करें तो व्यस्तत्तम व्यापारी, नौकरीपेशा, अर्न्तमुखी स्वभावी और घोर ट्रेडिशनल विचारधारा के लोग जाने, अनजाने कह देते है की समाज क्या दे सकता है, इसमे क्यों समय बर्बाद किया जाये! कहा जा सकता है कि लेने वाले पर भी तो निर्भर करता है, कि वो समाज को क्या दे रहा है, और फिर बदले मे समाज आपको क्या दे सकता है। 

सामाजिक व्यवस्था मे हर व्यक्ति को अपनी जन्मभूमि से प्यार होता है और यही कारण है कि वो कितना ही बडा हो जाये और चाहे वो दुनिया भर मे कहीं पर भी रहने लग जाये अपनी जन्मस्थली से अपना लगाव नही मिटा सकता है। जैसा लगाव लगभग सभी को अपनी जन्मभूमि से होता है उतना ही प्यार और लगाव सभी को अपने मित्रों, रिश्तेदारों, समाजिक व्यवस्थाओं और मातृभाषा से भी रहता है।

और ये ही एक साधारण सा कारण है जो इन्टरनेट से जुडे करोडो लोगों के लिए सामाजिक केन्द्र बिन्दु बन गया है और ये केन्द्र बिन्दु आज अन्य सभी व्यवसायों को पछाडते हुए सिरमौर बनता नजर आ रहा है। हम बात कर रहे सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक की। जी हाँ सामाजिक केन्द्र का बिन्दु इसलिए की यहां पर विश्व की 50 करोड की आबादी जो कि 180 देशों के लगभग हर प्रान्त और ग्रामीण आबादी से हे, अपनी दिनचर्या का कम से कम आधा घन्टे सामाजिक घटनाओं, मित्रों की जानकारी, पारिवारिक बातचीत, फोटो, वीडियों और बधाई सन्देंशों का आदान प्रदान करने के साथ ढेरों तरह की चर्चाऐं जो पाटों पर बैठ कर की जा सकती हैए यहाँ अपने अपने ग्रुप से, दोस्तों की फेहरिस्त से साझा करते है।

मैं अनुमान लगा सकता ह कि मेरे द्वारा खडे किये गये प्रश्न अभी भी आफ दिमाग मे घूम रहे है। आप पूछ सकते है कि यहां फेसबुक पर भी बातें ही बातें और पाटों पर भी बातें ही बातें तो फिर पाटों और फेसबुक मे फर्क ही क्या हुआ? और अगर समाज का यह बडा केन्द्रबिन्दु बन भी गया है तो इसे आम आदमी को क्या फायदा हो रहा है या किसी व्यवसायी को क्या फायदा हो रहा है? इस आधुनिक सामाजिक ताने बाने से समाज को कैसे फायदा मिल रहा है?

अगर आप व्यावसायिक जानकारी रखते है या सरसरी तौर पर भी आम और खास खबरों पर नजर रखते है तो साल के अंतिम दिनों मे सुर्खियों मे आई एक खबर पर आपकी नजरे जरूर गई होंगी कि फेसबुक वेबसाइट पर रूस की प्रमुख इन्वेस्टमेंट कम्पनी गोल्डमेन सेच तकरीबन ढाई सौ करोड रूपये का निवेश करने के बाद जनरल एटलांटिक भी फेसबुक के 2.5 के शेयर खरीदने जा रही है। फेसबुक का आज बाजार मूल्य लगभग 65 बिलियन हो चुका है। यानि एक ऐसा उपक्रम जो किसी अनजान से कम्प्यूटर प्रोग्रामर ने अपने निजी दोस्तों के बीच एक दूसरे के फोटो आदान प्रदान के लिए बनाई वेबसाईट जो कि उसके विस्तुत रूप जहां हर आम और खास लोगों को बातें, फोटो, जानकारीयां और चर्चाएं करने के लिए ई-स्थान उपलब्ध करवा रही है, के बदले उसका बाजार मूल्य इतना हो गया है जिसकी परिकल्पना शायद इसके संस्थापक मार्क जुकेरबर्ग ने भी नही की होगी।  लेकिन मात्र बीस वर्षीय तरूण युवा जुकेरबर्ग ने अपनी सामाजिक व्यवस्था नामक साधारण सी सोच के साथ उस पर नियमित रूप से लगातार काम करते हुए आम उपयोगकर्ताओं को जोडना, उनके लिए दिन प्रतिदिन सुविधाजनक विकल्प देने के साथ प्रोद्योगिकी को नित नियमित उन्नत करके फेसबुक जैसी महान सफलता स्थापित कर दी और आज छब्बीस वर्ष की उम्र मे ही दुनियां के शीर्ष हस्तियों मे शामिल हो गया है।

बात अभी भी कईयों के मन मे हो सकती है कि इस वेबसाईट मे ऐसा क्या है कि इसका बाजार मूल्य इतना हो गया है कि विश्व के प्रमुख इन्वेस्टर्स इसमे निवेश के प्रति उत्सुक हो गये है। इस वेबसाईट मे है सामाजिक ताने बाने का एक ऐसा मजबूत आधार जिसने विज्ञापन प्रदाताओं के लिए असीम संभावनाओं के द्वार खोल दिये है।  
 
Facebook - Mark Jukerbergपचास करोड उपयोगकर्ता के साथ फेसबुक ने छोटी-बडी कम्पनियों, छोटे उत्पादकों, कुटीर उद्योगों, सेवा प्रदाताओं, कलाकारों और विषय विशेषज्ञों के लिए सूचना आदान प्रदान का ऐसा संसार का बना दिया है जिसमे विश्व के कोने कोने से लोग जुडे हुए और अपनी बाते साझा करते है जो की पलक झपकते ही पाने वाले के पास पंहुच जाती है। यह कोई टेलीफोन और मोबाइल की तरह केवल बात करने का या फैक्स, रेडियो अथवा टीवी जैसा एकतरफा संचार माध्यम नही है वरन् ये कम्प्यूटर की वास्तविक अवधारणा मल्टीमीडिया और नेटवर्क का एक बेजोड सगंम है जिससे कि ये सारी चीजे एक साथ संभावित होती है जिसमे आपको चाहे टेक्स्ट मैसेज करना हो या बात करनी हो, डॉक्युमेन्ट भेजना हो या कोई ऑडीयो अथवा वीडियो प्रसारित करना हो सब कुछ एक ही जगह पर कर सकते है। और तो और पचास करोड लोगों ने तो उपयोग करना शुरू भी कर दिया। अब इस उपक्रम मे व्यवसाय की संभावना यहां बनती है कि जब आप कोई बात किसी अन्य उपयोगकर्ता अथवा ज्वॉइन किये हुए अपने ग्रुप मे साझा करते है तो उसके साथ ही आपको किसी न किसी का विज्ञापन भी दिख जायेगा। यह विज्ञापन फेसबुक के लिए आय का प्रमुख स्त्रोत है। चुंकि इसमे विश्व भर के लोग जुडे हुए है और विश्व भर की लगभग हर प्रमुख व्यावसायिक इकाई के साथ छोटे बडे कुटीर उद्योग, सेवा प्रदाता, कलाकार और विषय विशेषज्ञ और यहां तक की कई देशों की सरकारें और सरकारी इकाईयां इसके माध्यम से अपना विज्ञापन कर रही है। फेसबुक धीरे धीरे इन छोटी बडी इकाईयों के कुल विज्ञापन फण्ड के एक अच्छे खासे हिस्से पर कब्जा जमा रही है। विज्ञापन प्रदाता भी फेसबुक मे विज्ञापन के लिए इसलिए राजी हो जाता है कि इसमे उपयोगकर्ता की रूचि और स्थान के अनुसार स्वतः विज्ञापन एक्टिव हो जाने की सुविधा होती है, जिससे विज्ञापन प्रदर्शन की लागत कम हो जाती है और उपयोगकर्ता भी तुलनात्मक रूप से उत्पादों और सेवाओं से जल्द जुड जाता हैं।

यह मॉडल पूर्णतया कम्प्यूटराईज अर्थात ऑनलाइन नेटवर्क सॉफ्टवेयर्स से संचालित होता है जिसमे विज्ञापन के लिए स्थान और रूचि तय करने के बाद उसका क्रेडिट कार्ड व पेमेन्ट गेटवे के माध्यम से हाथो हाथ छोटा बडा भुगतान हो जाता है। इसमे मानवीय श्रम भी तुलनात्मक रूप से बहुत ही कम होता है तथा विज्ञापन सेल्स मार्केटिंग भी न्यूनतम प्रयासों मे ज्यादा सफल होती है।

आईटी एक्सपर्ट्स की माने तो यह वेबसाइट को नई प्रोद्योगिकी की खोज के आधार पर नही बनी है वरन्  मध्यस्तर के वेब प्रोग्रामर भी इस साइट को विकसित कर सकते है, लेकिन आज के समय मे इसकी मुख्य विशेषता इसके ५० करोड उपयोगकर्ता हैं और यही पर आकर फेसबुक टीम को रख-रखाव व जरूरी आईटी साधनों पर ध्यान देना होता है। इसलिए कहा जा सकता है कि आप के पास भी अगर किसी भी विषय को कोई लेकर कुछ विचार है तो इसे आज से ही इसको शुरू कर सकते हैं, ऊॅचाई तो इसको समय अपने आप देगा।