Sunday, 19 November 2017
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नया आईडियाः 5 वाली 50 मे


आनन्द आचार्य(खबरएक्सप्रेस.काॅम)
क्या नेस्ले को पता नही सरकार चलाने के लिए पैसा चाहिए, पैसा होगा तभी तो तीव्र गति से विकास होगा, फिर काहें को वो अपना उत्पाद बंद करके दो मिनटों मे मैगी को निपटा दीया भई।
अरे पांच रूपयी वाली मैगी को 50 रूपये मे बेचो, 10 रूपये आप रख लो, 40 रूपये सरकार को दे दो। अरे टेक्स के रूप मे, क्या दिक्कत है। और हां जो स्वास्थ्य का नुकसान हो रहा है, उसके लिए तो चेतावनी लिख दो 75 प्रतिशत तक, बहुत से उत्पाद बिक रहे है ना, इसी तरीके से। फिर मैगी जो हर बच्चे, व्यस्त महिलाओं और तेज तर्रार मोबाइल पीढ़ी के लिए भूख मिटाने का 3 मिनट वाला झटपट स्वादिष्ट सहारा है, 50 रूपये मे लंगे, इनके पास पैसा बहुत है, बस समय नही है।
हजारों अरबों की कंपनी है, संसद मे नियम  बनवा लो भई,  कोई हो हल्ला करे तो कोर्ट मे चले जाना, कोर्ट का आदेश ले आना, फिर पुलिस के बुते खूब माल बेचना, आपके हितों की रक्षा के लिए तीनों स्तंभ एकजुट दिखेंगें, मेरे पर यकीन ना हो तो ऐसे कई उत्पाद देख लो जो इसी व्यवस्था के अन्तर्गत बिक रहे है, मै बक् बक् नही कर रहा हूँ इसी बात का मेरे पास ताजा अनुभव है इसी माह का। मेरे शहर-मौहल्ले मे अभी नयी आबकारी निति के तहत ऐसा ही हुआ है, सरकार ने गहन निवासित क्षेत्रों मे शराब की खूब दुकानें खुलवाई है ताकि सभी वर्ग सुरास्वादन कर सके, छोटे बच्चंे, महिलाऐं और नययुवक समझे कि कितना टेस्ट है इसमे, और जिसको ज्यादा ही गुर्दा-फेफड़ा करना है उसके लिए चेतावनी लिख रखी है ना पैकेट के उपर, मत पिओ।  और हां कुछ नैतिकवादि मौहल्लेवासियों ने एकता दिखाई इसको बन्द करने की, शराब ठेकेदार ले आया कोर्ट का आॅर्डर, नही बंद करवा सकते ठेका, अब पुलिस उनके साथ है - धड्ड़ले से बिक रही है।
फिर आप चुप क्यों हांे, अरे आपको तो पता है ना जहां माल है, वहां ताल है, फिर लगो इस काम में - बस इस आईडिये की फीस हमे दे देना, आप देते हो ना मोटी मोटी कन्सलटेंसी चार्जेज - बड़े बड़े वकीलों, प्रबंधकों को, थोड़ा हमे भी दे देना - भई छोटे शहर से है तो क्या हुआ - आप भी यहीं कहीं के तो हों, हमारी प्रतिभा को भी पहचानों। 
अच्छा -अच्छा हमारी फीस नही बनेगी, क्योंकि सैटिंग नही करा पायेंगें हम, इस विचार से। कोई बात ना, ना  सही, हमें फीस ना मिले भईया, कई मैगी दीवानों को मैगी तो मिल जायेगी, सरकार को अरबों टैक्स तो मिल जायेगा, खूब ढेर सारा विकास हो जायेगा, यही बहुत है हमारे लिये, हमे तो हमेशा से ही संस्कार और दुआऐं मिलती रही है कमाई मंे, कलमघसीट जो ठहरे।
Meggi on government policies under the pretext of drug and sarcasm
अरे अरे, जल्दबाजी मे अपनी होशियारी दिखाने के चक्कर मे मैं तो भूल ही गया था कि भाई मैगी को बन्द करने के आदेश वाली खबर के साथ ही बड़े बड़े अखबारों मे नेस्ले अन्तर्राष्ट्रीय के सीईओ पीटर बारबेक भईया ने कहा था ना कि हम जल्द ही वापस आयेंगें, हां तैयारी हो रही है हमारी नई नवेली मैगी, 75 प्रतिशत वाली वैधानिक चेतावनी वाले कानून बनवाने, उनके अनुसार डब्बे-लिफाफें पैकिंग आईटम और नये नये आकर्षक वाले विज्ञापन के साथ।
करो पीटर भाई करो जल्दी करो, सरकार को टैक्स का बड़ा नुकसान हो रहा भईया, ईतना दिन देर करोगे तो कैसा काम चलेगा, कैसे विकास होगा, आपकी मैगी तो बहुत बिकती थी भईया, देखों ना सिगरेट, शराब, तम्बाकु, डोडा, पोस्त और तमाम अन्य सामान बिक रहा है न, ये कम्पनीयां टैक्स दे  रही है, पंच सितारा  व्यवस्थाऐं उपलब्ध करवा रही है, आपके लिए भी ये काम कौनसा बड़ा है।
तब तक फिर मिलेंगें सिगरेट, शराब, तम्बाकु, खुले मे बिकने वाले खाद्य पदार्थांे के साथ मैगी को भी देखने की उम्मीद मे आपका - कलमघसीट  
 
मेग्गी के बहाने मादक पदार्थों और सरकारी नीतियों पर कटाक्ष