Saturday, 18 November 2017
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एकर चाल रे बादीला नगर बीकाणै चाल

नगर के रचनाकारों ने गजनेर मे काव्य रचनाओं से बांधा समां

बीकानेर, इक तरफ गीता है इक तरफ कुरान हैध्असल तहजीब ये हिन्दोस्तान की जान है श् जैसी काव्य रचनाओं से ओतप्रोत कवि सम्मेलन गजनेर में खूब जमा । देर रात तक चले इस कार्यक्रम में बीकानेर के कवियों.षायरों ने हिन्दीए उर्दूए राजस्थानी भाषा में देषभक्तिए राष्ट्रीय एकता एभाईचारे और अपनी माटी से जुडी रचनाओं से समां बांध दिया ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रामेष्वरलाल चांडक तथा अध्यक्ष भगवानाराम ने अतिथि कवियो.षायरों का स्वागत एवं सम्मान किया । कार्यक्रम में वरिष्ठ चित्रकार मुरली मनोहर के0 माथुरए लेखक अषफाक कादरीए समाजसेवी राजेन्द्र भटनागरए साहित्यप्रेमी मधुसूदन सोनी का भी सम्मान किया गया । गजनेर के चांडासागर तालाब के किनारे पंचायत भवन में समस्त ग्रामवासियों द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में लेखक अषफाक कादरी ने गांव गजनेर के ऐतिहासिकएसांस्कृतिक महत्व पर प्रकाष डाला । 
कार्यक्रम का प्रारंभ कवियत्री कु0 मीनाक्षी स्वर्णकार ने षंखध्वनि एवं वंदना से किया । कार्यक्रम में कवियत्री मनीषा आर्य सोनी ने अपनी रचना श्एकर चाल रे बादीला नगर बीकाणै चालध्सोने सरीसा मिनख बठै राश् से खूब प्रषंसा हासिल की । मनीषा ने अपनी सुमधुर स्वर में चुनिंदा रचनाओं से समां बांध दिया । कार्यक्रम में वरिष्ठ कवि सरदार अली पडिहार ने श्सिपाही देष रो धणीए धरती मां रो ऋणीध्माथे रे मुकुट री मणिएहीरा री चिलकती कणीश् सहित अनेक रचनाएं सुनाई । कार्यक्रम में संचालक इरषाद अजीज ने अपना कलाम श्अपने दिल पे हाथ रखे बोले धरम ईमान सेध्कौन है जिसको हमदर्दी है मेरे हिन्दुस्तान सेश् नया जोष भरा । इरषाद ने श्जिनगाणी रो चरखो चालै चर्रर चूंश् सहित अनेक रचनाएं सुनाई ।
षायर असद अली असद ने अपने कलाम श्धरती के हाथ अपने ही खंजर से कट गयेध्दो बेटे एक मंा के फिरकों में बंट गयेश् नये तेवर में प्रस्तुत की । कार्यक्रम में कवि राजाराम स्वर्णकार ने श्लोकतन्त्र के हत्यारों पर सीधा खुलकर वार करोए अपना लहू बहाकर भारत मां का श्र्ृंगार करोश् से ओजस्वी रंग भरे । हास्य कवि गौरी षंकर मधुकर ने अपनी हास्य रचनाओं मोबाईल फोनए आनंद की अनुभूति से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया ।
कार्यक्रम के समन्वयक कवि बाबूलाल छंगाणी ने अपनी रचना पोस्टमेन की व्यथाए आदमी सहित अनेक रचनाएं सुनाई । षायर कासिम बीकानेरी ने अपनी रचना श्श्रीमती ओ श्रीमतीश् सहित अनेक रचनाएं सुनाई । कवियत्री मीनाक्षी स्वर्णकार ने कन्या भ्रूण हत्या पर श्मां मुझे मत मारोश् प्रस्तुत की । कार्यक्रम में बुजुर्ग षायर अब्दुल जब्बार बीकाणवी ने अपनी क्षणिकाओं से प्रभावित किया । कार्यक्रम में कवि हरिमोहन जैनए डा0 बह्याराम चौधरीए मोईनुदीन कोहरी नाचीज बीकानेरी ने भी अपनी काव्य रचनाओं से कार्यक्रम को समृद्व किया । कार्यक्रम में सर्दी के बावजूद देर रात्रि तक श्रोता जमे रहे ।
 
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