Friday, 04 December 2020

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थानाधिकारी, जांच अधिकारी हटाये, चिकित्सक को किया एपीओ

भूखण्ड विवाद में मरे युवक की लाश को लेकर चल रहा धरना उठा

सूरतगढ,  भूखण्ड विवाद में मरे युवक की लाश को लेकर यहां सुभाष चौक पर पिछले 19 घण्टों से चल रहा धरना कई दौर की वार्ता में सहमती बनने के बाद बुधवार दोपहर उठा लिया गया है। मृतक टीटू उर्फ सुखदेव के अन्तिम संस्कार के बाद पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने राहत की सांस ली है। पिछले दो दिनों से पुलिस-प्रशासन के लिए सिरदर्द बने मामले में लोगों के आक्रोश को शांत करने के लिए सिटी थानाधिकारी मजीद खां व जांच अधिकारी ताराचंद सोनी को जांच के चलते थाने से हटा दिया गया है वहीं ईलाज में कोताही के आरोपी चिकित्सक प्रमेन्द्र स्वामी को एपीओ कर दिया गया है। अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए आधा दर्जन पुलिस दलों का गठन कर पुलिस लापरवाही की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजन दुष्यन्त को सौंप दी गई है।
मंगलवार की शाम मृतक टीटू उर्फ सुखदेव अरोडा की लाश सुभाष चौक पर पहुंचते ही लोगों में आक्रोश पैदा हो गया। अतिरिक्त कलेक्टर हनुमानदान बिट्ठू, एसडीएम रोहित गुप्ता, पुलिस उप अधीक्षक सुरेश सैनी, तहसीलदार हर्षवर्धन सिंह राठौड आदि अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर समझाइस के प्रयास किए मगर उन्हें सफलता नहीं मिली। इस बीच देर रात को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजन दुष्यन्त भी सूरतगढ पहुंच गए। आंदोलनकारियों के आह्वान पर बुधवार को बाजार भी पूर्णतः बंद रहा।
उधर समझौते के सभी प्रयास विफल होने के बाद स्थिति की गंभीरता को देखते हुए श्रीगंगानगर सदर व कोतवाली, करणपुर, घमूडवाली, केसरीसिंहपुर, मुकलावा, चूनावढ, लालगढ, राजियासर, सूरतगढ सीटी व सदर थानाधिकारियों के अलावा श्रीगंगानगर एससी/एसटी सेल के पुलिस उप अधीक्षक केसरीचंद जांदू व करणपुर के पुलिस उप अधीक्षक रतनलाल भार्गव को दल बल सहित मौके पर बुला लिया गया। इस बीच पूर्व घोषणा के अनुरूप सूरतगढ बंद रखा गया। मेडिकल स्टोर बंद से अलग रहे। बुधवार सुबह प्रशासन ने एक बार पुनः समझौते के प्रयास शुरू किए। कांग्रेसी नेता महेन्द्र मील, भाजपा नेता राजेन्द्र भादू, पूर्व विधायक हरचंद सिंह सिधू, पालिकाध्यक्ष इकबाल मोहम्मद कुरैशी, उपाध्यक्ष विनोद पाटनी, का. लक्ष्मण शर्मा, संयुक्त व्यापारी संगठन के प्रधान भगवानदास धींगडा के अलावा प्रशासन की और से एडीएम हनुमानदान, एसडीएम रोहित गुप्ता, पुलिस अधीक्षक राजन दुष्यन्त, पुलिस उप अधीक्षक सुरेश सैनी व तहसीलदार हर्षवर्धनसिंह राठौड समझौता वार्ता में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने मृतक के आश्रितों को पांच लाख रुपये मुआवजा, दोषी चिकित्सक को निलम्बित, थानाधिकारी व जांच अधिकारी को लाईन हाजिर करने तथा अभियुक्तों को गिरफ्तार करने की मांग रखी। प्रशासन ने हत्या के मामले में किसी भी तरह के सरकारी आर्थिक सहयोग से मना कर दिया। बाद में प्रशासन द्वारा जनसहयग से 25 हजार रुपये देने, जांच चलने तक थानाधिकारियों व जांच अधिकारी को थाने से हटाकर एसपी कार्यालय में ड्यूटी देने, दोषी चिकित्सक को एपीओ करने व अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार करने पर सहमति हो गई। इस बीच विधायक गंगाजल मील की तरफ से उनके पुत्र महेन्द्र मील ने मृतक के आश्रितों को 5॰ हजार रुपये देने की घोषणा भी की।
समझौते के बाद दोपहर करीब डेढ बजे पुलिस की निगरानी में मृतक के शव को कल्याण भूमि ले जाकर उसका अंतिम संस्कार किया गया। इधर पुलिस महानिरीक्षक के निर्देश पर बीकानेर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ओपी जांगिड को भी सूरतगढ भेजा गया मगर उनके आने से पहले समझौता होने की वजह से वे बीच रास्ते से ही लौट गए।
इसी मामले में  मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बीएल मिश्रा ने बुधवार को राजकीय चिकित्सालय का निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों से बातचीत करने के साथ अस्थाई मोर्चरी का निरीक्षण भी किया। इसके अलावा मृतक टीटू के भर्ती संबंधी कागजातों का भी अवलोकन किया।  श्री मिश्रा चिकित्सालय प्रभारी डॉ. नंदलाल वर्मा व डॉ. प्रमेन्द्र स्वामी की इस मामले में भूमिका की जांच कर रहे है।

अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए आधा दर्जन पुलिस दलों का गठन
सूरतगढ। टीटू अरोडा हत्याकाण्ड में नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए आधा दर्जन पुलिस दलों का गठन किया गया है। इस बीच पुलिस ने इस मामले में दोषी चार अभियुक्तों को राउण्डअप कर लिया है। जिनकी गिरफ्तारी देर रात तक संभव है। पुलिस उप अधीक्षक सुरेश सैनी ने बताया कि इन छ पुलिस दलों में श्रीगंगानगर के पुलिस उप अधीक्षक केसरीचंद जांदू, करणपुर के पुलिस उप अधीक्षक रतनलाल भार्गव, श्रीगंगानगर सदर थानाधिकारी नन्दलाल सैनी, राजियासर थानाधिकारी पीडी शर्मा, सूरतगढ सदर थानाधिकारी संजीव कुमार व चौकी प्रभारी लक्ष्मीनारायण शर्मा को शामिल किया गया है।
सैनी ने बताया कि इस मामले में पुलिस की संदिग्ध भूमिका की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजन दुष्यन्त करेंगे जबकि हत्या मामले की जांच उप निरीक्षक लक्ष्मीनारायण शर्मा करेंगे। सैनी ने बताया कि अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस एक दर्जन स्थानों पर दबिश दे चुकी है। उन्हें शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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