Wednesday, 02 December 2020

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अदम्य साहस से जीता युद्ध - वर्मा

1965 के भारत पाक युद्ध के 50 वर्ष

बीकानेर, 1965 के भारत पाक युद्ध के 50 वर्ष होने के उपलक्ष्य में सिस्टर निवेदिता कन्या महाविद्यानय मे छात्राओं को युद्ध के अनुभवों से साक्षात करवाने के लिए एक विशेष संवाद कार्यक्रम रखा गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता एयर फोर्स के रिटायर्ड स्क्वाडर लीडर लक्ष्मीनारायण वर्मा थे। 

वर्मा ने 1965 के युद्ध में हिस्सा लेना स्वयं के गौरव की बात बताई। उन्होंने कहा कि ये युद्ध 1947 के विभाजन के बाद भारत पाक संबंधों में आये बदलाव का पहला परिणाम था। जिसमें पाकिस्तान के कश्मीर को हथियाने के लिये घुसपैठ की लेकिन भारतीय सेना ने इस घुसपैठ का मूँहतोड़ जवाब दिया और न केवल पाक सैनिकों को खदेड़ा बल्कि पाकिस्तान की सरजमीं पर भी भारतीय थल सेना और वायुसेना ने अपनी धाक जमाई तथा लाहौर के कईं इलाकों पर अपनी पकड़ बनाई।  उन्होने यादों को संजोते हुए कहा कि युद्ध में एक एक फौजी व अधिकारी अदम्य साहस से लड़ा और पाकिस्तान को धूल चटाई। 
squadron leader Laxmi Narayan Verma Bikaner
कार्यक्रम के प्रारम्भ में प्राचार्य डाॅ रीतेश व्यास ने उनका स्वागत किया और अपने उद्बोधन में वर्मा के जीवन वृत्त पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्मा ने न केवल 1965 के युद्ध में बल्कि 1971 और 1999 के कारगिल युद्ध में भी अपनी सेवाएं दीं। भारत से ईराकी सैनिकों को प्रशिक्षण देने के लिये चार वर्ष तक ईरान भी रहे और करीब 22 देशों की यात्रा की। इनके अदम्य साहस और सेना में सेवा के लिये कईं पदक मिले। इनको दीर्घ सर्विस मेडल, संग्राम मेडल, रक्षा पदक, जनरल सर्विस मेडल और भी कईं प्रकार के पदक मिले। वर्तमान में वर्मा जी सामाजिक सरोकारों से जुड़कर फूलनाथ तालाब के जीर्णोद्धार के लिये प्रयासरत हैं। 
कार्यक्रम में व्याख्याताओं व छात्राओं ने उत्साह से उनसे प्रश्न किये तथा ग्रुप फोटो भी खिंचवाया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की निदेशिका ने भी अपने विचार रखे। 
इस महाविद्यालय के व्याख्याता ब्रह्मदत व्यास, अरूण व्यास, श्रीकान्त दवे, अनुराधा बोहरा, रूबी स्वामी, सुषमा व्यास, नीलम व्यास भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन उमाकान्त व्यास ने किया तथा रोट्रैक्ट क्लब मरूधरा के अध्यक्ष विकास ने स्मृति चिन्ह प्रदान किया।
 

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