Sunday, 11 April 2021

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स्थानान्तरण आदेश पर रोक

शिक्षण व्यवस्था के आदेश पर अन्तरिम रोक

बीकानेर।   राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण, जयपुर ने प्रार्थी मीना कुमारी मीणा अपील को स्वीकार करते हुये जिला कलेक्टर, बीकानेर की अनुशंषा के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी, बीकानेर के द्वारा किये गये स्थानान्तरण आदेश पर रोक लगाते हुये माध्यमिक शिक्षा निदेशक, जिला कलेक्टर, बीकानेर एवं जिला शिक्षा अधिकारी, माध्यमिक शिक्षा को नोटिस जारी करते हुये जवाब तलब किया। 

अपीलार्थी मीना कुमारी मीणा जो कि माध्यमिक शिक्षा बीकानेर के विद्यालय कोचरों का चौक में अध्यापक श्रेणी द्वितीय के पद पर कार्यरत है। इस अपीलार्थी का स्थानान्तरण 20 जुलाई  को उप निदेशक माध्यमिक शिक्षा, बीकानेर के आदेश से कोचरों का चौक बीकानेर के विद्यालय में हुआ था। प्रार्थी मीना कुमारी मीणा ने ने अपने राजकीय माध्यमिक विद्यालय कोचरों का चौक में कार्यग्रहण कर लिया था। राज्य सरकार के प्रमुख शासन सचिव द्वारा 29 जुलाई  के आदेश के तहत माध्यमिक विद्यालय एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत शिक्षको के शिक्षण व्यवस्था के तहत स्थानान्तरण एक विद्यालय से दूसरे विद्यालय में करने के लिये एक आदेश जारी किया गया। जिसमें यह स्पष्ट रूप से लिखा गया कि किसी भी विद्यालय में यदि अधिशेष शिक्षक हो तो उन अध्यापको का स्थानान्तरण इस आदेश के अनुसरण में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जिला कलेक्टर महोदय की अनुशंषा के आधार पर तीन माह अथवा रिक्त पद भरने की तिथि जो भी पहले हो, तक के लिये की जावे एवं यह भी निर्देश दिया कि यह आदेश माननीय शिक्षा मंत्री के अनुमोदन के पश्चात् जारी किये जा रहे है। 
प्रार्थी के अधिवक्ता प्रमेन्द्र बोहरा ने अधिकरण के समक्ष अपील के माध्यम से इस द्वितीय श्रेणी अध्यापिका के स्थानान्तरण आदेश 13 अगस्त  को जरिये अपील चुनौती दी। माननीय अधिकरण के समक्ष यह तर्क दिया कि राजस्थान शिक्षा अधीनस्थ सेवा नियम 1971 के तहत प्रथम तो द्वितीय श्रेणी अध्यापको के स्थानान्तरण के लिये सक्षम अधिकारी, उप निदेशक, माध्यमिक शिक्षा चुरू है, न कि जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक शिक्षा बीकानेर एवं जिला कलेक्टर, बीकानेर को इसकी अनुशंषा लेना तो सर्वथा अनुचित है। क्योंकि जिला कलेक्टर, बीकानेर को शिक्षा विभाग में किसी भी तरह का पद धारण नहीं करता है एवं न ही प्रार्थी कलेक्टर के अधीन कार्य करते है। 
माननीय अधिकरण के समक्ष प्रार्थी के अधिवक्ता ने यह तर्क भी प्रस्तुत किया कि 29 जुलाई के आदेश के द्वारा जो दिशा निर्देश प्रमुख शासन सचिव ने दिये है, उन दिशा निर्देशो की भी पालना भी जिला शिक्षा अधिकारी, बीकानेर ने नहीं की है। क्योंकि न तो उपरोक्त अपीलार्थी अपने विद्यालय में अधिशेष है एवं न ही वे सबसे कनिष्ठ है। क्योंकि अपीलार्थी के पश्चात अनेकों शिक्षकों ने कोचरों का चौक विद्यालय में कार्यग्रहण किया था। इसलिए अपीलार्थी से कनिष्ठ कई अध्यापक है। 
माननीय अधिकरण ने अपीलार्थी द्वारा प्रस्तुत की गई उक्त अपील को स्वीकार करते हुये प्रत्यर्थी विभाग के विवादास्पद आदेश 13 अगस्त को प्रार्थी मीना कुमारी मीणा के किये गये शिक्षण व्यवस्था के आदेश पर अन्तरिम रोक लगाते हुये विभाग को 23 अक्टुबर तक जवाब प्रस्तुत करने का आदेश प्रदान किया। 

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