Thursday, 26 November 2020

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टीडीएस पर कार्यशाला का आयोजन

उद्यमियों-व्यापारियों का आयकर आयुक्त के साथ सीधा संवाद

 बीकानेर, बीकानेर जिला उद्योग संघ के पदाधिकारियों द्वारा आयकर अधिनियम के अंतर्गत टी.डी.एस. रिटर्न भरने में करदाताओं को आ रही कठिनाईयों के निवारण हेतु सतीष शर्मा, आयकर आयुक्त (टीडीएस) जयपुर एवं आयकर अधिकारी उमेष कच्छावा, शेख अहमद व विनय मंगला के साथ एक कार्यषाला का आयोजन उद्योग संघ भवन में किया गया। कार्यक्रम में पधारे अतिथियों का माल्यार्पण कर उन्हें स्मृति चिह्न भेंट कर उनका सम्मान किया गया।

Workshop on Income Tax, TDS. between Traders and IT Officers

बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल संरक्षक परिषद के अध्यक्ष अनन्तवीर जैन एवं दिलीप भाई पारिख तथा अंकित थिरानी ने आयकर विभाग के अधिकारियों व उद्यमियों व्यापारियों के बीच स्थापित इस सीधे संवाद में टी.डी.एस. सेे संबंधित कई समस्याओं को रखा और टी.डी.एस. नियमों में आवष्यक सुधार की मांग की। 

बीकानेर जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष द्वारका प्रसाद पचीसिया ने करदाताओं की सहूलियत के लिए आयकर आयुक्त से आग्रह किया गया कि अपने स्तर पर कार्यवाही कर एक प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भिजवाये, ताकि करदाता को टैक्स भरने में आ रही दिक्कतों का सामना न करना पड़े।


कार्यशाला मे व्यापारियों ने आयकर आयुक्त को बिन्दुवार सुझाव देते हुए कहा कि  


  • किसी कारणवषः टी.डी.एस. जमा देने मंे एक दिन विलम्ब होने पर भी 2 माह का ब्याज वसूला जाना उचित नहीं है। ब्याज वसूली वास्तविक विलम्ब अवधि के लिए ही लागु किया जाना चाहिए।
  • ज्।छ हेतु आवेदन करने के उपरांत कई बार विभाग द्वारा महिनों तक नम्बर आवंटित नहीं किये जाते है। इस विलम्ब पर धारा 34-ई के तहत पेनल्टी राषि मय ब्याज करदाता से वसूला जाता है, जो कि अनुचित है। यदि ऐसी स्थिति में ज्।छ आवेदन रसीद संख्या से चालान भरने की अनुमति दी जानी चाहिए, ताकि करदाता समय पर टैक्स जमा करवा सके। 
  • पेन कार्ड नहीं होने की अवस्था में वर्तमान में 20 प्रतिषत एक समान दर से टी.डी.एस. कटौती का प्रावधान है, जो कि उचित नहीं है। क्योंकि जिनकी वास्तविक दर 1 प्रतिषत है, उनसे 20 गुणा टी.डी.एस. काटना अव्यवहारिक प्रतीत होता है।
  • आयकर धारा 234-ई के अंतर्गत विलम्ब शुल्क 200/-रू. प्रतिदिन है, जो कि अनुचित है। क्योंकि ब्याज भी वसूला जाता है। साथ ही इसमें अपील करने का प्रावधान भी होना चाहिए, जो कि वर्तमान में नहीं है।
  • थ्वतउ 16 - 16.। फनंतजमतसल को बार-बार डाऊनलोड करना पड़ता है, अतः इसे वार्षिक रूप से एक बार ही किया जाये।
  • ब्याज पर टी.डी.एस. सीमा को 5,000 से बढ़ाकर 20,000/- रू. करना चाहिए।
  • कमीषन पर टी.डी.एस. में 5,000/- तक की सीमा को बढ़ाकर 20,000/-रू. तक किया जाना चाहिए।
  • वर्तमान में 10 ट्रकों से कम होने पर वाहन मालिक द्वारा घोषणा-पत्र दिये जाने पर टी.डी.एस. नहीं काटा जाता, यह प्रक्रिया व्यवहारिक प्रतीत नहीं होती है। इसलिये घोषणा-पत्र की अनिवार्यता को समाप्त किया जाना चाहिए एवं ट्रक किराये पर टी.डी.एस. की व्यवस्था अव्यवहारिक है, जिसे हटाया जाये।
  • टी.डी.एस. रिटर्न जस्टिफिकेषन रिपोर्ट व संषोधन रिपोर्ट डाऊनलोड करते समय दोनों के लिए अलग अलग पासवर्ड जारी किए जाते है। अतः इसमंे संषोधन करते हुए एक पासवर्ड की सुविधा दी जाये।
  • टी.डी.एस. रिटर्न फाईलिंग व टी.डी.एस क्रेडिट (26 ए.एस.) को कम्प्यूटर पर लोड होते हुए विभागीय वेबसाईट पर जानकारी प्रदर्षित होनी चाहिए, वर्तमान में टेक्स क्रेडिट फाईलिंग के 3-4 दिन पष्चात् 26 ए.एस. में प्रदर्षित होती है।
  • 11. ज्क्ै क्मकनबजमम का टैक्स क्रेडिट होते ही तुरन्त प्रभाव से उसके ई-मेल व एस.एम.एस. पर जानकारी दी जानी चाहिए। 
  • 12. आयकर विभाग में टी.डी.एस. देने वाले के समस्त लेन-देन की पासबुक संधारित होनी चाहिए। करदाता द्वारा जमा टैक्स का समायोजन कर शेष बचा टैक्स जमा कराया जाये।
  • 13. जो ज्।छ जयपुर एवं जोधपुर के क्षेत्राधिकार में आते है, उन्हें बीकानेर के क्षेत्राधिकार में स्थानान्तरित करवाने की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि भूल सुधार या अन्य कार्य करने के लिए बीकानेर में आयकर अधिकारी के समक्ष प्रकरणों का निस्तारण हो सके। इसके लिए वर्तमान में जयपुर, जोधपुर जाना पड़ता है, जिससे करदाता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है।


कार्यक्रम पर बीकानेर जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष द्वारका प्रसाद पचीसिया, बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल के कार्यकारी अध्यक्ष उमाषंकर आचार्य, बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल संरक्षक परिषद के अध्यक्ष अनन्तवीर जैन, श्रीधर शर्मा, जुगराज दफ्तरी, मोहनलाल राठी, एस.एन. हर्ष, रामकिषोर रावत, एस.एस. भार्गव, सुरेन्द्र बांठिया, अंकित थिरानी, दिलीप भाई पारिख, महावीर तावणिया, केदारचंद अग्रवाल, संजय गोयल, पारस डागा, गेवरचंद मुसरफ, मालचंद थिरानी, दिलीप रंगा, बजरंग पुरोहित, निर्मल पारख, किषन बोथरा, राजाराम सारड़ा, राजकुमार गहलोत, किषनलाल पुरोहित, अष्विनी पचीसिया, अषोक वासवानी,राजेन्द्र चैधरी, प्रवेष गोयल, मनीष पचीसिया, महावीर दफ्तरी, जय अग्रवाल, शुभम लढा, रमेष राठी, प्रकाष दम्माणी, एस.के. राठी सहित विभिन्न उद्यमियों-व्यापारियों ने भाग लिया। 

कार्यक्रम की अधिक जानने के लिए द्वारका प्रसाद पचीसिया से 9829216210 पर सम्पर्क किया जा सकता है।


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