Thursday, 30 March 2017

सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कृत संकल्प - देवनानी

जिला स्तरीय लेपटाॅप वितरण समारोह आयोजित

सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कृत संकल्प - देवनानी

बीकानेर,  शिक्षा मंत्राी वासुदेव ने कहा  कि शिक्षा को बढावा देने के लिए राज्य सरकार लैपटॅाप, स्कूटी व साइकिल वितरण, ट्रासंपोर्ट वाउचर स्कीम इत्यादि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से विधार्थियों को प्रोत्साहित कर रही है।
    देवनानी रविवार को राजकीय शहीद जेम्स थाॅमस उच्च माध्यमिक विद्यालय मे आयोजित जिला स्तरीय लेपटाॅप वितरण कार्यक्र्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय म­ उच्च माध्यमिक विद्यालय खोले ह®। गत् 65 सालों में जहां 4 हजार 500 उच्च माध्यमिक विद्यालय थे, वहीं एक वर्ष में 5 हजार नए उच्च माध्यमिक स्कूल बन जाने के बाद अब प्रदेश में 9 हजार 500 विद्यालय हो गए हैं। अब गरीब एवं सुदूर गांव में रहने वाले बच्चों को 12 वीं तक की शिक्षा लेने के लिए गांव से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने विद्यार्थियों को समर्पित भाव से अध्ययन करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि आज बदलते परिवेश में अगर किसी के पास कम्प्यूटर शिक्षा नहीं है,वह व्यक्ति अधूरा है। 
    शिक्षा मंत्राी ने कहा कि शिक्षा हमें संस्कारित बनाती है। अतः शिक्षित बने, साक्षर नही। शिक्षा का अर्थ केवल किताबी ज्ञान नहीं है,शिक्षा संस्कारित बनाती है, संस्कारयुक्त शिक्षा लेकर हमें आगे बढ़ना है।  उन्होंने कहा कि आज आईटी का युग है, परन्तु हमें इसे टी.आई.में बदलना है अर्थात इन्र्फोमेशन टक्टनोलोजी की बजाय ‘थिंक इण्डिया’ की सोच को विकसित करना है।
    देवनानी ने कहा कि यह वर्ष शिक्षा में एक क्रान्ति लाया है, क्रान्ति इस रूप में कि प्रधानमंत्राी ने डिजिटल इण्डिया की बात कही है और यह डिजिटिल इण्डिया तब बनेगा, जब देश के हर विद्यार्थी के हाथ में लेपटाॅप होगा। उन्होंने कहा कि राज्य के कक्षा 8,10 व 12 के छात्रा-छात्राओं को 43 हजार लेपटाॅप दिए गए हैं। 
    शिक्षा मंत्राी ने कम्प्यूटर के उपयोग को परिभाषित करते हुए कहा कि निपूणता, नम्रता, धैर्यता, रचनात्मकता, संवाद और आत्मविश्वास को बढ़ाने में यह हमारी सहायता करता है। छात्रों को इन बातों को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कम्प्यूटर का  उपयोग शिक्षित बनने, अपना ज्ञानवर्द्धन करने के लिए किया जाना  चाहिए । उन्होंने लेपटाॅप को ज्ञान का अखण्ड समुद्र बताते हुए कहा कि विद्यार्थी ज्ञान की जिज्ञासा इसके माध्यम से शांत कर सकता है। उन्होंने कहा कि आने वाले कुछ दिनों में पूरे शिक्षा विभाग का कम्प्यूटीकरण होने जा रहा है। इसके तहत ई-ज्ञान का पोर्टल जारी होगा, जिसमें कक्षा 9 से 12 तक के पाठ्यक्रम होगा। उन्होंने कहा कि बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए नौंवी कक्षा में प्रवेश लेनी छात्राओं को साइकिल दी जा रही है। राज्य में गत दो वर्ष में 5 लाख 25 हजार साइकिलें नौंवीं की छात्राओं को दी गई है। उन्होंने बताया कि अन्य छात्राएं जो कि 5 किलोमीटर दूरी तय करके स्कूल पहंुचती हंै, उन्हंे ट्रासपोर्ट वाउचर देने की व्यवस्था की है। इनके आने-जाने का किराया सरकार वहन करंेगी। 
    वन,पर्यावरण तथा खान मंत्राी तथा जिले के प्रभारी मंत्राी राजकुमार रिणवा ने कहा कि व्यक्ति के जीवन में सबसे बड़ा दुःख है, तो वह है अज्ञानता। उन्होंने कहा कि संसार में सबसे बड़े दुःख व सुख को परिभाषित किया गया है। इसमें बताया गया कि संत मिले तो सब सुख और दरिद्रता से बड़ा कोई दुख नहीं। परन्तु मेरा मानना है कि दरिद्रता से भी बड़ा दुःख अज्ञानता है। उन्होंने कहा कि अज्ञान को मिटाने के लिए ज्ञान की जरूरत है और ज्ञान बहुत ही विराट शब्द है। उन्होंने कहा कि भगवत गीता में  जीवन जीने का संदेश दिया गया है। शिक्षा समाज एवं राष्ट्र के विकास की नीव है तथा आज के संस्कारित बच्चे कल देश के गौरव बनेगे। राज्य मे गुणात्मक शिक्षा मुहैया कराने के लिए राज्य सरकार दृढ़ संकल्पित है। आज इन मेधावी छात्रा-छात्राओं के हाथों मे लैपटाॅप है, कल इन्ही हाथों मे देश की सर्वोतम डिग्री भी होगी। उन्होंने कहा कि सूचना क्रांति, उदारीकरण एवं वैश्वीकरण के दौर मे विश्व की हर खबर को इन्टरनेट द्वारा हासिल किया जा सकता है।
    सांसद अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि राज्य सरकार की लेपटाॅप वितरण योजना एक अभिनव योजना है। आज छात्रा को लेपटाॅप के रूप में साथी मिला है। इसका सद्पयोग किया जाना चाहिए। राज्य सरकार ने मेघावी छात्रों का सम्मान करते हुए उन्हें लेपटाॅप दिए हैं। उन्होंने कहा कि बिना कम्प्यूटर ज्ञान व बिना संसार से जुड़े ज्ञान अधूरा रहता है। इन्टरनेट के माध्यम से दुनिया एक मुठ्टी में सिमट गई है। 
    विधायक डाॅ.विश्वनाथ ने कहा कि विकसित राज्य का सपना पूर्ण करने के लिए हम सभी को अपना सक्रिय योगदान देने की आवश्यकता है। राज्य सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कृत संकल्पित है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सुआ लाल, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक बी.एल.मीणा ने भी विचार व्यक्त किए। आभार उपनिदेशक ओम प्रकाश सारस्वत ने व्यक्त किया। इस अवसर पर विधायक डाॅ. गोपाल जोशी, महापौर नारायण चैपड़ा, डाॅ. सत्यप्रकाश  आचार्य अतिथि के रूप में मंचस्थ थे। 
    इस अवसर पर शिक्षा मंत्राी देवनानी और वन,पर्यावरण व खान मंत्राी रिणवा ने प्रतीकात्मक रूप से मेघावी विद्यार्थियों को लेपटाॅप प्रदान किए। जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) हेमेन्द्र उपाध्याय और जिला शिक्षा अधिकारी (प्रा.शिक्षा) रामा अवतार व शाला के प्रधानाचार्य धन्ने सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। संचालन ज्योति प्रकाश रंगा ने किया।