Saturday, 19 August 2017

स्टाफ पैटर्न की जांच के निर्देश

बीकानेर में प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय पर सैद्धान्तिक सहमति-देवनानी 

स्टाफ पैटर्न की जांच के निर्देश

बीकानेर, शिक्षा राज्यमंत्राी वासुदेव देवनानी ने संभाग के जिला शिक्षा अधिकारियों को शाला दर्पण के तहत विद्यायल  स्टाफ पैटर्न की जांच के निर्देश दिए है। जिन  स्कूलों में छात्रा संख्या कम है और अध्यापक ज्यादा ,ऐसे स्कूलों की  सूची बनाते हुए,कम छात्रा संख्या वाले स्कूलों से शिक्षक हटाकर,विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार अध्यापक नियुक्त किए जाए। यह कार्य उन्होंने सात दिनों में करने के निर्देश दिए।  
शिक्षा राज्यमंत्राी देवनानी ने यह निर्देश रविवार को प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में आयोजित ’शिक्षा संवाद’ में संभाग के शिक्षा अधिकारियों को दिए। शिक्षा संवाद में सांसद अर्जुन राम मेघवाल,विधायक गोपाल जोशी,विधायक डाॅ.विश्वनाथ,विधायक सिद्धी कुमारी,विधायक भंवर सिंह भाटी,विधायक मानिक चंद सुराणा, पीलीबंगा विधायक द्रोपदी मेघवाल,सत्यप्रकाश आचार्य ने स्कूलों में रिक्त अध्यापकों के पदों  को भरने की आवश्यकता जताई। 
शिक्षा राज्यमंत्राी ने ऐसे स्कूलों का सर्वे करने के निर्देश दिए जिनमें छात्रा संख्या पांच है। साथ ही उन्होंने  जहां शून्य से 15 विद्यार्थी है,उन्हें पास की स्कूल में जन प्रतिनिधियों से चर्चा कर, प्रवेश दिलाने के निर्देश दिए।  उन्होंने हनुमानगढ़,बीकानेर व श्रीगंगानगर के माध्यमिक एवं प्रारंभिक शिक्षा के जिला अधिकारियों से विद्यालय में छात्रा व अध्यापक संख्या,शाला की चार दीवारी,विद्यालयों में बिजली,पानी,शौचालय,जर्जर भवनों,विद्यालय विकास प्रबन्धन समिति,कस्तूरबा गांधी छात्रावासों,न्यायालयों में लम्बित प्रकरणों आदि के बारे में जिलेवार जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। 
उन्होंने  शाला दर्पण व शाला दर्शन के तहत हुई प्रविष्ठियों के अनुरूप जांच के निर्देश  दिए और कहा कि इन कार्यक्रमों  की नियमति माॅनिटरिंग की जाए। सात दिनों में स्टाफ पैटर्न की जांच कर,रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को दी जाए।  उन्होंने विद्यालय निरीक्षण की प्रगति की समीक्षा की और निर्देश दिए जिला शिक्षा अधिकारी नियमित रूप से विद्यालयों का निरीक्षण सुनिश्चित करें। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी बीकानेर को कालूवाला,तख्तपुरा,कालासर व महादेववाली माध्यमिक विद्यालय के स्टाफिंग पैटर्न की जांच के भी निर्देश दिए। 
शिक्षा राज्यमंत्राी ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग से बाहर काम करने वाले कार्मिकों को वापिस विभाग में बुलाया जाए। अगर कोई कार्मिक दूसरी जगह प्रतिनियुक्त है,उनका वेतन रोका जाए। जर्जर भवनों की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि  जो भवन जर्जर अवस्था में उनका प्राथमिकता से निस्तारण करवाया जाए। 
रिक्त पदों पर सेवा निवृत अध्यापक लगाने की व्यवस्था-शिक्षा राज्य मंत्राी ने कहा कि एक निश्चित मानदेय पर रिक्त पदों पर विषय अध्यापक लगाने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारियों से कहा कि सेवा निवृति के साथ ही अध्यापकों को पुनः नियुक्त करने का प्रयास करें। उन्होंने संभाग में नियुक्त सेवानिवृत अध्यापकों के बारे में जानकारी भी ली। 
महानरेगा में चार दीवारी बनवाएं-शिक्षा राज्यमंत्राी ने कहा कि महानरेगा में स्कूलों की चारदीवारी का निर्माण और खेल मैदान का समतलीकरण करवाएं का  प्रावधान है। जिला शिक्षा अधिकारी इस कार्य को प्राथमिता से करवाने के लिए शीघ्र ही जिला कलक्टर और जिला परिषद के मुख्यकार्यकारी अधिकारी सम्पर्क कर,यह कार्य करवाएं। 
विद्यालय विकास प्रबंधन समिति की बैठक नियमित हो-देवनानी ने संभाग में विद्यालय विकास प्रबंधन समिति में जन प्रतिनिधियों और अभिभावकों की भागीदारी पर जानकारी ली और निर्देश दिए कि जिला शिक्षा अधिकारी स्वयं इस बैठक में शामिल हो। उन्होंने बैठक में विद्यालय के विकास के संबंध में सकारात्मक निर्णय लेने पर जोर दिया और कहा कि बैठक से पूर्व जनप्रतिनिधियों और विद्यार्थियांे के अभिभावकों को समय रहते सूचना दी जाए।  उन्होंने विद्यालय कोष का उपयोग शाला के विकास पर खर्च करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विद्युत कनेक्शन हो,इसके प्रयास किए जायेंगे। उन्होंने बताया कि इस कार्य के लिए मानव संसाधन मंत्रालय 12 हजार रूपये दे रहा है। 
शौचालयों की नियमित सफाई हो-शिक्षा राज्यमंत्राी ने शौचालयों विहीन विद्यालयों की जानकारी पर बताया कि संभाग के सभी विद्यालयों में छात्रा-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय बने है। उन्होंने पूछा कि सभी शौचालय चालू स्थिति में है या नही । क्या इनकी नियमति सफाई की व्यवस्था है ? उन्होंने शौचालयों की साफ-सफाई की समीक्षा करते हुए कहा कि  शौचालयों को मेन्टने रखने के लिए प्रत्येक  विद्यालय को एक सत्रा में पांच हजार रूपये दिए जा रहे है। इस राशि का समुचित उपयोग होना चाहिए। 
न्यायालयों के प्रकरणों की समीक्षा-शिक्षा राज्यमंत्राी ने न्यायालयों में लम्बित प्रकरणों के बारे में फीड बैक लिया और निर्देश दिए कि समय पर न्यायालयों में जबाव व दावे पेश किए जाए। साथ ही उन्होंने राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद के माध्यम से होने वाले कार्यों को पूर्ण करवाने,शिक्षा के अधिकार के तहत जिन विद्यार्थियों की फीस का पुर्नभरण नहीं हुआ है,उसे करवाने के भी निर्देश दिए। 
जिले की 3 सैकण्डरी  स्कूल माॅडल विद्यालय बनेंगी-देवनानी ने बताया कि शैक्षिक दृष्टि से पिछडे़ ब्लाॅक में माॅडल स्कूल का चयन किया जा रहा है। राज्य में 52 माॅडल सैकण्डी स्कूल बनने है,जिनमें से बीकानेर की बीछवाल, झझू व भामटसर स्कूल शामिल है।  
राज्य में 55 हजार कार्मिकों की हुई पदोन्नति-शिक्षा राज्यमंत्राी ने बताया कि विभाग में  विभिन्न स्तर पर 500 के करीब डीपीसी हुई है,जिससे 55 हजार कर्मचारियों की पदौन्नति की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में 5 हजार विद्यालय एक साथ माध्यमिक से उच्च माध्यमिक में और 114 विद्यालय माध्यमिक व 33 उच्च प्राथमिक में क्रमोन्नत हुए। उन्होंने बताया कि इस वर्ष राजकीय विद्यालयों में 8 लाख नामांकन बढ़ा है। नये स्टाफिंग पैटर्न से सुदूर गांवों में शिक्षक लगाए जा रहे है।  
बीकानेर में उप निदेशक (प्रारंभिक शिक्षा) कार्यालय पर सैद्धान्तिक सहमति-शिक्षा राज्यमंत्राी ने कहा कि बीकानेर में उपनिदेशक (प्रारंभिक शिक्षा) का कार्यालय स्थापित हो,इसमें मैं  सैद्धान्तिक रूप से सहमत हॅू। उन्होंने बताया कि इस का प्रस्ताव भी भिजवाया हुआ है। 
बैठक में सांसद अर्जुन राम मेघवाल ने शिक्षा के अधिकार कानून के तहत गरीब बच्चों की प्राईवेट स्कूल में फीस पुर्नभरण पर जोर दिया और कहा कि फीस के अभाव में प्रवेशित बच्चों को शिक्षा से वंचित नहीं रखा जा सकता। इस पर राज्यमंत्राी ने संभाग में प्राईवेट विद्यालयों में छात्रों के फीस पुर्नभरण के बारे में जानकारी ली और निर्देश दिए कि फीस पुर्नभरण से संबंधी मामलों की जांच की जाए। विधायक सिद्धी कुमारी ने बीकानेर के दृष्टिदोष विद्यालय को सैकण्डी में क्रमोन्नत करने की आवश्यकता जताई और कहा कि शौचालयों की सफाई की स्थाई व्यवस्था की जाए। 
बैठक में माध्यमिक शिक्षा के शासन सचिव नरेश गंगवार,प्रारंभिक शिक्षा के शासन सचिव कुंजी लाल मीणा, शिक्षा निदेशक माध्यमिक सुआ लाल,निदेशक प्रारंभिक शिक्षा बी.एल.मीणा,रमसा के अतिरिक्त आयुक्त जस्सा राम चैधरी,अतिरिक्त निदेशक माध्यमिक शिक्षा प्रियंका गोस्वामी,वित्त नियंत्राक जेपी स्वामी सहित उपनिदेशक व संभाग के जिला शिक्षा अधिकारी उपस्थित थे।