Tuesday, 01 December 2020

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औद्योगिक निवेश के साथ स्थानीय लोगों का¬ सामाजिक-आर्थिक विकास भी हो - वसुंधरा राजे

राजस्थान सरकार एवं होण्डा सिएल कार कम्पनी इंडिया¬ के बीच समझौते पत्र पर हस्ताक्षर * नया प्लांट ६०० एकड भूमि म होगा * कम्पनी एक हजार करोड रुपए का प्रारंभिक निवेश करेगी * नये प्लांट में ६० हजार कारों की प्रारंभिक उत्पादन क्षमता होगी * पहले चरण में १००० से अधिक लोगों को रोजगार * पहली कार वर्ष २००९ में सडक पर

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नई दिल्ली, ३ मई। राजस्थान की मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे एवं उद्योग मंत्री श्री नरपत सिंह राजवी की उपस्थिति में गुरुवार को जयपुर में राज्य सरकार एवं भारत में प्रीमियम कारों के निर्माता होंडा सिएल कार्स इण्डिया लिमिटेड (एच.एस.सी.आई.एल.) के बीच एक समझौता पत्रा पर हस्ताक्षर किये गये।
समझौता पत्रा पर राजस्थान सरकार की ओर से प्रमुख शासन सचिव उद्योग श्री अशोक सम्पतराम ने तथा एच.एस.सी.आई.एल. की तरफ से अध्यक्ष व सी.ई.ओ. एच.एस.सी.आई. श्री मसाहिरो ताकिदागावा ने हस्ताक्षर किये।
समझौते के अनुसार एच.एस.सी.आई. द्वारा राजस्थान के अलवर जिले में स्थापित किया जाने वाला यह प्लांट ६०० एकड भूमि में फैला होगा और कम्पनी इसमें एक हजार करोड रुपये का प्रारंभिक निवेश करेगी। इस प्लांट में ६० हजार इकाइयों की प्रारंभिक उत्पादन क्षमता होगी। पहले चरण में एक हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा और प्लांट से वर्ष २००९ में पहली कार बाहर आने की संभावना है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्राी श्रीमती वसुंधरा राजे ने हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी प्रदेश का विकास तभी सार्थक है जब वहां औद्योगिक निवेश के साथ साथ स्थानीय लोगों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास का उद्देश्य भी निहित हो। श्रीमती राजे ने नए प्लांट के लिए एम.ओ.यू. साइन किए जाने को राज्य के लिए ऐतिहासिक अवसर बताया।
मुख्यमंत्राी ने कहा कि विकास दर को बढाने में ऑटोमोबाइल एवं मैन्यूफैक्चरिंग इकाइयों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। ऐसे में राजस्थान में एच.एस.सी.आई. प्लांट लगना विकास की दिशा में उठाया गया सही कदम है।
श्रीमती राजे ने औद्योगिक निवेश के अनुकूल माहौल का जिक्र करते हुए कहा कि पहले राजस्थान अपनी परंपरागत विरासत और पर्यटन के नाम पर जाना जाता था पर आज सबकी नजरें
राजस्थान पर इन्वेस्टर फ्रेंडली राज्य के रूप में हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने बजट में भिवाडी इंडस्ट्रीयल डवलपमेंट अथॉरिटी के गठन की घोषणा की है। यह भिवाडी के औद्योगिक अनुकूलता की दृष्टि से समग्र रूप से विकसित करने में मददगार होगी।
मुख्यमंत्राी ने उद्यमियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे राजस्थान में निवेश करें तो उन्हें हरसंभव सहयोग मिलेगा। उन्होंने साथ ही राज्य के सामाजिक और मानव संसाधन के विकास में भी औद्योगिक घरानों की भागीदारी को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह चाहती है कि जब बडी कंपनियां प्रदेश में आएं तो राजस्थान के लोगों को ही अधिकाधिक रोजगार के अवसर मिलें। इसके लिए नई पीढी को अंग्रेजी शिक्षा एवं नए पाठ्यक्रमों से जोडा जा रहा है। इसके लिए राजस्थान में एजुकेशन इनिशिएटिव लागू किया गया है। इसके जरिए करीब एक करोड बच्चों को, शिक्षकों को उनकी पढाने की पद्धति को अपग्रेड किया जा रहा है। इसमें माइक्रोसॉफ्ट और सिस्को जैसी कंपनियां भी सहयोग कर रही हैं।
श्रीमती राजे ने कहा कि एच.एस.सी.आई. से भी वे उम्मीद करती हैं कि वह स्थानीय लोगों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए काम करेगी। इससे लोगों का जुडाव कंपनी के साथ होगा और कंपनी को अनुकूल वातावरण मिलेगा। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि इस प्लांट के लगन से अन्य सहायक उद्योग भी पनपेंगे और इससे करीब ६ से ८ हजार करोड के निवेश को बढावा मिलेगा। इसके अलावा २० से २५ हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।
मुख्यमंत्राी ने कहा कि सरकार उद्योगों के ऊपर ‘इंस्पेक्टर राज‘ कम करके, प्रक्रिया का सरलीकरण करने और पारदर्शिता पर ज्यादा जोर दे रही है। इसके अलावा आधारभूत ढांचे के मद्देनजर ऊर्जा पर भी पूरा ध्यान दिया जा रहा है। वर्ष २००८ तक राजस्थान ऊर्जा की दृष्टि से सरप्लस हो जायेगा और वर्ष २०११ तक करीब ४५०० मेगावाट अतिरिक्त ऊर्जा उत्पादन होने लगेगा। उन्होंने कहा कि राज्य पहली बार रेवेन्यू सरप्लस में आया है और वार्षिक एवं पंचवर्षीय योजनाओं का भी आकार बढा है।
उद्योग मंत्राी श्री नरपत सिंह राजवी ने एम.ओ.यू. को राज्य के विकास में मील का पत्थर बताते हुए कहा कि राज्य सरकार एच.एस.सी.आई. के साथ और भी क्षेत्राों में सहयोग करने को तत्पर है और अब वे दिन दूर नहीं जब हम राजस्थान को विकसित श्रेणी में खडा करने के अपने लक्ष्य को पूरा कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि गत तीन वर्षों में राज्य सरकार द्वारा औद्योगिक विकास के लिए गंभीरता से प्रयास किये गये हैं जिसके फलस्वरूप राजस्थान निवेश अनुकूल राज्य के रूप में उभर कर आया है और उद्यमी राज्य में निवेश करने के लिए आकर्षित हुए हैं।
श्री राजवी ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के उदारीकरण के बाद हमने पीछे मुडकर नहीं देखा है। उन्होंने कहा कि आज भारत की विकास दर ९ प्रतिशत तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि एक सर्वे के अनुसार भारत का सकल घरेलु उत्पाद २०५० तक अमरीका के सकल घरेलू उत्पाद को पार कर जायेगा। इसी प्रकार निर्यातों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है और आने वाले वर्षों में भारत विश्व अर्थव्यवस्था पर अपना गहरा प्रभाव छोडेगा।
जापान एम्बेसी के मंत्राी श्री तोशीत्सुगु उसावा ने कहा कि भारत और जापान के संबंध में वर्षों पुराने हैं। उन्होंने कहा कि भारत और जापान के बीच आदान-प्रदान छठी शताब्दी से ही शुरु हो गया था जब बौद्ध धर्म की जापान में शुरुआत हुई थी और ये ही दोनों देशों के बीच घनिष्ठता और सौहार्द्रता का आधार है। उन्होंने कहा कि एच.एस.सी.आई. का यह प्रोजेक्ट राजस्थान के लिए ही नहीं पूरे भारत के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि भारत जापान के लिए एशिया का सबसे महत्वपूर्ण देश है और दोनों देशों के बीच कई और प्रोजेक्ट्स पर सहयोग के संबंध में चर्चाएं चल रही हैं।
एच.एस.सी.आई. के अध्यक्ष एवं सी.ई.ओ. श्री एम.ताकेदागावा ने कहा कि एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर एच.एस.सी.आई. के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन है। उन्होंने राजस्थान को अपनी दूसरी निर्माण इकाई के रूप में चुनने के पीछे मुख्य कारण बताते हुए कहा कि राज्य सरकार का सक्रिय समर्थन एवं प्रोत्साहक निवेश वातावरण इसमें महत्वपूर्ण कारक था। उन्होंने कहा कि कंपनी का उद्देश्य उच्च स्तर पर रोजगार अवसरों का निर्माण करके और संबंधित क्षेत्रों में आर्थिक विकास को बढाकर राजस्थान की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देना है। उन्होंने कहा कि नये प्लांट के निकट एवं आसपास स्थानीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आई.टी.आई.) पर भी ध्यान दिया जायेगा।
एच.एस.सी.आई. के उपाध्यक्ष श्री एन.के. गोयला ने होंडा कंपनी की गतिविधियों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह कंपनी १९४८ में स्थापित की गई थी और आज यह कार उत्पादन में दुनिया की अग्रणी कंपनी है। उन्होंने बताया कि इस कंपनी का नेटवर्क १६० देशों में है और इसमें करीब  एक लाख ४५ हजार कर्मचारी कार्यरत हैं। उन्हने बताया कि कंपनी आज मोपेड से लेकर एयरक्राफ्ट तक का निर्माण कर रही है और इन सबमें वह पर्यावरण संतुलन व प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दे रही है।
इससे पहले एच.एस.सी.आई. के अध्यक्ष श्री सिद्धार्थ श्रीराम ने एम.ओ.यू. को होंडा एवं राज्य सरकार के लिए एक नया सवेरा बताया और कहा कि कंपनी का भारत में यह दूसरा प्लांट है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह प्लांट कारों की बढती मांग की पूर्ति करने के साथ-साथ राजस्थान में निवेश के फलस्वरूप और भी कई अच्छी चीजों की शुरुआत के लिए उत्प्रेरक का कार्य करेगी और राज्य के त्वरित विकास में योगदान देगी। अन्त में एच.एस.सी.आई. की सुश्री अनिता शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

 

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