Tuesday, 26 January 2021

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अमरसिंह राठौड रम्मत ने जमाया होली का रंग

वीर व श्रृंगार रस की रम्मत आचार्यो के चोक मे रात बारह बजे से सूबह नौ बजे तक चली

बीकानेर, आचार्यो चौक मे 107 वर्षो से प्रतिवर्ष होने वाली वीर रस प्रधान अमर सिंह राठौड नौटंकी का मंचन हुआ। इस नौटंकी मे श्रृंगार रस का भी महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। नागौर के राजा अमर सिंह राठौड की स्माभिमानिता और मुगल बादशाह के यहां सरदार सलावत खाँ द्वारा चुगली के कथानक पर होती है। इस कथानक के पात्र अमर सिंह राठोड, हाडी रानी, सलावत रामसिंह, कृष्णा नाई, फराश, लखनउ के नवाब  इत्यादि है।  अमरसिंह दो शादियॉ करता है जिसमे कुपित होकर पहली पत्नी का भाई अर्जुन गौड मुगल बादशाह के पास जाता है कई झुठी शिकायत करके बादशाह से अमरसिंह को मारने की गजारिश कर खुद यहा बीडा उठाता है। अमर सिंह को बादशाह के दरबार मे बुलावा भेजा जाता है, और जब अमरसिंह वहाँ पर पहुंचता है तो मुख्य द्वार छोटा रखा जाता है जिसमे शीश झुकाकर प्रवेश किया जाता है, लेकिन चतुराई से अमरसिंह बगैर शीश झुकाये ही अन्दर पहुंचता है और उसी दौरान अर्जुन गौड तलवार ये उसकी गर्दन काट देता है, मरणासन्न स्थिति मे होने के बावजूद अमरसिंह अपनी कटार से अर्जुन गौड के नाक और कान काट देता हैं। अमरसिंह को मारकर जब ऐसी स्थिति मे जब वह बादशाह के पास जाता है तो बादशाह उससे पूछते है ये नाक कैसे कटे! और जब उसे घटनाक्रम का पता पडता है तो वह अमर सिंह को एक सच्चा बहादुर घोषित करता है।


A scene from Amarsingh Rathore, Rammat Played at Acharyon Chowk, Bikaner यह रम्मत रात बारह बजे छोटे बच्चे द्वारा राय भवानी माता के रूप मे पधारने के बाद मॉता की स्तुति के बाद चालु होती है जो सुबह नौ बजे तक अनवरत चलती रहती हैं। रम्मत मे पिछले कई वर्षों से दीनदयाल आचार्य - अमरसिंह का, श्याम आचार्य - बादशाह का, विजय आचार्य - हाडी रानी, सुरेश आचार्य - रामसिंह, द्वारकादास आचार्य - आचार्य का किरदार निभा रहे हैं। 

लोक देवता भैंरु नाथ के अखाडे होने वाली इस रम्मत मे बुलाकी दास आचार्य, डॉ मेघराज आचार्य, गेवरचन्द आचार्य, गिरधरलाल आचार्य, सत्यनारायण व्यास, नरेन्द्र आचार्य, धनसुख आचार्य का सान्निध्य रहता हैं।  युवा वर्ग भी इसमे बढ चढ कर हिस्सा लेता जिनमे पं. जितेन्द्र आचार्य, ओम आचार्य, अमित जोशी, नरेन्द्र आचार्य, टनु, नवीन आचार्य, कुष्णकुमार आचार्य जहाँ नियमति अभ्यास करते है वहीं नौटंकी मे टेर के साथ संगत भी करते नजर आते है। रम्मत के दौरान नगाडे पर सत्यनारायण व्यास व पेंटर कालेश व नवीन आचार्य संगत करते है। 

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