Monday, 20 September 2021

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पाठ पढ़ाने आयें, पल्ले पड़ी फजीहत

डॉ मालावत ने कल्ला पर आरोप

बीकानेर। कार्यकर्ताओं को अनुशासन का पाठ पढ़ाने  बीकानेर पहुंचे कंाग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी को कांग्रेस नेताओं में पनपी गुटबंदी के कारण हंगामाई महौल का सामना करना पड़ा।   बुधवार सुबह  रानीबाजार औधेागिक क्षेत्र के पार्क पैराडाइज में  शुरू हुये कांग्रेस के संवाद कार्यक्रम की शुरूआत ही हंगामें भरी रही। कार्यक्रम के प्रथम चरण में ही बीकानेर जिले के कांग्रेसी नेताओं ने एक दूसरे की फजीहत शुरू कर दी और आरोप प्रत्यारोप लगाते हुए अनुशासन की धज्जियां उड़ा दी । इससे उपजे हंगामाई महौल के कारण राहुल गांधी का मिजाज बिगड़ गया और बैठक को बीच में छोड़कर दूसरे कमरे में चले गये।  जानकारी के मुताबिक हंगामा उस समय शुरू हुआ जब बीकानेर के दो  दिग्गज कांग्रेसी नेताओं ने पिछले चुनावों में हुई हार को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगाने शुरू कर दिये और नौबत तू -तू , मैं-मैं तक  आ गई।  हालात यहां तक बिगड़ गये की राहुल को बैठक बीच में ही छोड़कर दूसरे कक्ष में जाना पड़ा। इस दौरान सभी उपस्थित नेतागण भी एक बारगी हक्के बक्के रह गये। डॉ मालावत ने कल्ला पर चुनाव में विरोध  करने और परिवारवाद को बढ़ावा देना का आरोप तक मढ़ दिया। बीकानेर पूर्व से कांग्रेस के प्रत्याशी रहे डॉ मालावत ने राहुल को बताया कि कल्ला यहां कांग्रेसी कार्यकर्तााओं का तरजीह देने की बजाय अपने लोंगो को महत्व देते है। जिससे कांग्रेस मजबूत होने की बजाय बीकानेर में ओर भी कमजोर हो गई है। इस पर कल्ला ने अपने बचाव में मालावत के आरोपों का बेबुनियाद बताते हुये कहा कि मालावत व उनके समर्थक कांग्रेस के कार्यक्रमों में शरीक होने की बजाय अपने स्तर पर ही कार्यक्रम आयोजित करते है। वही शेष जिलों को नेताओं ने भी अपने वरिष्ठ नेताओं पर कार्यकर्ताओं की उपेक्षा के आरोप लगायें। 13 जिलों व 15 जिला कांग्रेस कमेटियों के करीब 3 हजार से अधिक जिला इकाइयों के पदाधिकारियों,यूथ कांगेस,एनएसयूआई और अग्रिम संगठनों के प्रमुख कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर चर्चा की। प्रथम सत्र में बीकानेर शहर, बीकानेर देहात, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, चूरू, सीकर, झुन्झुनंू, नागौर, जोधपुर शहर, जोधपुर देहात, पाली, सिरोही, जालोर, जैसलमेर एव बाडमेर जिला कांग्रेस कमेटियों के जिलाध्यक्ष, जिला उपाध्यक्ष, जिला महासचिव, जिला कोषाध्यक्ष, जिले के समस्त ब्लॉक अध्यक्ष, विधायक, सांसद, अग्रिम संगठनों के जिलाध्यक्ष,लोकसभा क्षेत्र अध्यक्ष, पूर्व विधायक, पूर्व सांसद, संबंधित जिलों में रहने वाले प्रदेश पदाधिकारी, जिला प्रमुख तथा नगर निगम के महापौर ने भाग लिया। राहुल ने कार्यकर्ताओं को कहा कि आगामी चुनाव में पार्टी की जीत के लिये कार्यकर्ताओं से लिया गया फीडबैक पर विचार किया जायेगा। कार्यकर्ताओं के सुझावों के आधार पर प्रत्याशियों का चयन किया जायेगा। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं को हिदायत दी कि आपसी मतभेद भूलायें और पार्टी की सरकार वापस बनें इसके लिये कमर कसें। 

राहुलजी नहीं होती सुनवाई..................

 

केन्द्र व राज्य में हमारी सरकार है, कई जिलों में पालिका, परिषद्, निगम, न्यास पर हमारे जनप्रतिनिधि है। पर क्या फायदा? इन सीटों पर बैठे हमारे ही पार्टी के नेता हमारी नहीं सुनते राहुलजी। कमोवेश यही नजारा सभी बैठकों में सुनने व देखने को मिला। पार्टी के अग्रिम संगठन का पदाधिकारी व कार्यक र्ता ने राहुल के समक्ष अपनी बात के दौरान राहुल के अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए नेताओं पर कार्यकर्ताओं का काम नहीं करने का आरोप लगाया। इतना ही नहीं मंत्रियों पर भी सुनवाई नहीं करने पर रोष जताया। अनेक नेताओं ने कार्यकर्ताओं में सरकारी पदों पर बैठे लोगों के प्रति नाराजगी,टिकट वितरण में अनियमितता, खेती को मनरेगा से जोडऩे,कांग्रेस के ब्लॉक  स्तर पर पार्टी को मजबूत करने जैसे मुददों पर प्राथमिक चरण में चर्चा की।   बैठक के प्रारंभिक दौर में बीकानेर संभाग के ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष  ललित बहल ने ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों की सरकार व सता में बैठे लोगों के द्वारा किसी प्रकार की सुनवाई नहीं करने पर असंतोष जाहिर किया। इसी तरह खेती को मनरेगा से जोडऩे का सुझाव भी  कांग्रेसी कार्यकर्ताअेां ने दिया। 

नहीं मानी वरिष्ठ नेताओं की नसीहत 

राहुल गांधी के दौरे से पूर्व राजस्थान प्रभारी मुकुल वासनिक, मु यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेशाध्यक्ष डॉ चन्द्रभान द्वारा दो दिनों पूर्व बीकानेर आकर पार्टी पदाधिकारियों को यह हिदायत दी थी कि कांग्रेस उपाध्यक्ष के सामने पार्टी को मजबूत करने के सुझाव व  पार्टी स्तर पर हो रहे कार्य को आमजन तक पंहुचाने की बात रखी जावें। आपसी गुटबंदी को किसी प्रकार उजागर न करें। किन्तु पार्टी के नेताओं ने इस बात को दरकिनार करते हुए राहुल गांधी के सामने जमकर भड़ास निकाली। वही पार्षदों व पार्टी के पदाधिकारियों को भी राहुल के सामने मुंह न खोलने को कहा गया था।

करोड़ों खर्च नतीजा सिफर

चुनावी वर्ष में पार्टी को मजबूत करने के उद्देश्य से निकले कांग्रेस राष्ट्रीय उपाध्यक्ष को खुश करने के लिये कांग्रेस के नेताओं ने प्रचार प्रसार के लिये करोड़ों खर्च किये। लेकिन नतीजा सिफर रहा। राहुल को हर बैठक में पार्टी नेताओं के असहयोग व भाई भतीजावाद के आरोपों का सामना अपने कार्यकर्ताओं से करना पड़ा।

राजमार्गों पर रही सुरक्षा चाकचौबंद 

शहर में कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के दौरे के दौरान पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग 11,15,89 व स म्पर्क सड़कों पर नाकेबंदी व गश्त बढ़ाई गई।इसके साथ ही शहर के होटलों,धर्मशालाअेां में रहने वालेां पर नजर रखी गई और रात्रि गश्त भी बढ़ाई गई। जिला पुलिस अधीक्षक राकेश सक्सेना ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर राउंड  दा क्लॉक नाकाबदी कराई गई। एसपीजी के महानिरीक्षक अश्विनी सिरोही के नेतृत्व में एसपीजी की टीम ने नाल एयरपोर्ट से लेकर पार्क पैराडाइज तक रूट के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा व्यवस्थाअेां को संभाले रखा। एआईसीसी महासचिव व राज्य प्रभारी मुकुल वासनिक, एआईसीसी सचिव व सहप्रभारी अरूण यादव, मु यमंत्री अशोक गहलोत,प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डा.चंद्रभान, केन्द्रीय दूरसंचार मंत्री सचिन पायलट,राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष डा बी डी कल्ला, गृह राज्य मंत्री वीरेन्द्र बेनीवाल,  पर्यटन मंत्री बीना काक, केन्द्रीय संस्कृति मंत्री चन्द्रेश कुमारी, उर्जा मंत्री डा. जितेन्द्र सिंह,अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष गोपाराम मेघवाल, बीकानेर नगर निगम  के महापौर भवानी शंकर शर्मा  व जिला प्रमुख रामेश्वर डूडी भी काफिले में शामिल थे। एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने पार्क पैराडाइज पहुंचकर जमकर जश्न मनाया। 

पास तो बने प्रवेश नहीं

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष से अपनी बात कहने आये अनेक कार्यकर्ताओं को मायूसी का सामना करना पड़ा। पीसीसी द्वारा पास बनने के बाद भी राहुल के बैठक स्थल में प्रवेश नहीं मिलने से नाराज कार्यक र्ताओं ने विरोध में नारेबाजी करनी शुरू कर दी। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उनके प्रवेश पास बनाने के बाद भी उन्हें बैठक स्थल में प्रवेश नहीं करने दिया गया। राहुल तक यह खबर न पहुंचे इससे घबराये पार्टी के नेताओं ने राहुल से मिलाने का आश्वासन देकर विरोध को शांत करवा दिया। 

पांच कमेटियां

 राहुल गांधी के कार्यक्रम के दौरान व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी पांच कमेटियों को दी गई है। सभा स्थल, आवास, भोजन व्यवस्था, रजिस्ट्रेशन के लिए अलग-अलग कमेटियां बनाई गई। यंहा पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के आगमन को लेकर पूरे शहर को सजाने के लिए जिला स्तरीय पदाधिकारी व बड़े नेताअेां ने कड़ी मशकक्त  कर स्वागत द्वार,कांग्रेस की झडिय़ा लगाई।       

नाल एयरपोर्ट पर स्वागत

बीकानेर पहुंचे कांग्रेस राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का नाल एयरपोर्ट पहुंचने पर  मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, राजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ बी डी कल्ला, गृह राज्यमंत्री वीरेन्द्र बेनीवाल, जिला प्रमुख रामेश्वर डूडी सहित अनेक कांग्रेस जनों ने स्वागत किया वही सभा स्थल पर केन्द्रिय मंत्री चंद्रेश कुमारी, उर्जा मंत्री जितेन्द्र सिंह, महापौर भवानीशंकर शर्मा, न्यास अध्यक्ष मकसूद अहमद, जर्नादन कल्ला ने अभिनंदन किया।

 

विशेष टिपण्णी 
पार्टी में गुटबंदी को खत्म करने की मुहिम में निकले कांग्रेस के युवराज के सामने  बीकानेर में संवाद कार्यक्रम में दो वरिष्ठ नेताओं व कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष को शिकायत करना की  न मंत्री सुनते है न विधायक । पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने अपने अपने जिलों में कांग्रेस को अपनी व्यक्ति संपत्ति समझ रखा है। यह कहना इससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि कांग्रेस को मजबूत बनाने निकले राहुल बाबा  के सामने चुनौतियां अभी कम नहीं है । प्रदेश के मुखिया व कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं की सीख के बाद भी राहुल गांधी के सामने फ जीहत होना आखिर पार्टी  की वस्तुस्थिति को बताता है। यह तो एक टेलर मात्र था ऐसे कई जख्म लिये दिल में छिपाये है कांग्रेसी कार्यकर्ता । शायद उन्हें मौका मिलता तो वे भी राहुल को जमीनी हकीकत से अवगत जरूर कराते । मन में मलाल लिये अनेक कार्यकर्ता तो मासूस होकर लौटे और कईयों को तो बैठक में जाने का अवसर ही नहीं मिला। ऐसे में राहुल के आंखों पर  कांग्रेस के एकजुट होने की बंधी पट्टी से अधियारा कौन उजागर करता। एकता की चकाचौंध में पार्टी के प्रदेश व संभाग के वरिष्ठ नेताओं ने जैसे तैसे कार्यकर्ताओं के मुंह पर ताले लगाकर एक बारगी तो अपनी खाल को बचा लिया होगा। परन्तु चुनाव से छ: माह पहले यह हालात देख राहुल भी सोचने को मजबूर होंगे कि आखिर यह परिस्थितियां क्यों पैदा हो रही है। यही हाल प्रदेश में कांग्रेस के रहे तो आगामी चुनावों में सरकार बनाने का कांग्रेस का सपना सपना ही न रह जायें।

 

 

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