Tuesday, 30 May 2017

मन दरवाजे बंद चिटकणी कैसे दाखिल होउं रे

युवा कवि कथाकार संजय आचार्य वरूण का 35 वें जन्मदिवस पर सम्मान

युवा कवि कथाकार संजय आचार्य वरूण का 35 वें जन्मदिवस पर सम्मान

 

बीकानेर 2 अगस्त । शब्दरंग साहित्य एवं कला संस्थान द्वारा युवा कवि कथाकार संजय आचार्य वरूण के 35 वें जन्मदिवस के अवसर पर आचार्य चैक स्थित जीतमल जी की प्रोल में भावभीना अभिनंदन किया गया । कार्यक्रम में वरूण को माल्यार्पण, शाॅल, सम्मान पत्र, पटिटका भेंटकर सम्मान किया गया । कार्यकम में वरूण ने अपनी ताजा रचनाएं सुनाकर भाव विभोर कर दिया । 

सम्मान कार्यक्रम में संस्थान के संयोजक अषफाक कादरी ने कहा कि युवा रचनाकार संजय आचार्य वरूण काव्य, कथा और नाटक के सषक्त हस्ताक्षर है, जिनका संपादन उच्च कोटि का है । कादरी ने कहा कि वरूण की पत्रकारिता की भाषा सहज, सम्प्रेषणीय है । उन्होने कहा कि वरूण कार्यक्रम संयोजक के रूप में नगर की साहित्यिक -सांस्कृतिक जगत में विषेष पहचान रखते है ।  कार्यकम में कवि राजाराम स्वर्णकार ने कहा कि संजय आचार्य वरूण नगर के साहित्य जगत के चमकते नक्षत्र है जिनका बहुआयामी रचनाकर्म अभिनंदन के योग्य है ।
Honour to Sanjay Acharya Varun oh his 35th Birthday
 संस्थान के संरक्षक वरिष्ठ चित्रकार मुरली मनोहर के0 माथुर ने कहा कि बीकानेर के साहित्य जगत में युवा रचनाकार संजय आचार्य वरूण ने नये तेवर के साथ अपना सृजन आम अवाम तक पहुंचाया है । माथुर ने कहा कि संजय ने अपने रचनाकर्म से बीकानेर के सांस्कृतिक जगत को भी समृद्ध किया है । वरिष्ठ रंगकर्मी बी0 एल0 नवीन ने कहा कि संजय आचार्य वरूण ने अपने मौलिक चिन्तन के साथ नाटय लेखन किया है जो उनके सषक्त रचनाकर्म का प्रमाण है । वरिष्ठ संगीतज्ञ डा0 मुरारी शर्मा ने कहा कि वरूण ने अपने कुषल संयोजन के साथ नगर की संगीत गतिविधियों में प्रभावी भागीदारी निभाई है । डा0 शर्मा ने कहा कि वरूण अपने संपादन में मासिक पुष्करणा जगत के प्रकाषन के साथ सामाजिक पत्रकारिता में भी सक्रिय भूमिका का निवर्हन कर रहे है । 
कार्यकम में संगीतज्ञ गोविन्द नारायण राजपुरोहित तथा बाबूलाल  छंगाणी ने वरूण के सम्मान में अपनी काव्य रचनाएं समधुर स्वरों में प्रस्तुत की । कार्यक्रम में कवि अजीतराज ने कहा कि वरूण सीखने सिखाने की प्रवृति में अग्रणी है । युवा शाईर इरषाद अजीज ने कहा कि वरूण के रचनाकर्म को राष्ट्रीय स्तर के साहित्यकारों ने सराहा है । कार्यक्रम में प्रेरणा प्रतिष्ठान के अध्यक्ष प्रेमनारायण व्यास, रंगकर्मी राजेष ओझा, मन्मथ आचार्य ने भी अपने विचार रखे । 
 

Sanjay Acharya Pushkarna Jagat   Sabdrang   Murlimanohar Mathur