Monday, 24 July 2017

साहित्य समाज का दर्पण तथा भाषा उसकी आवाज-वासुदेव

मायड़ मांण मंच का वार्षिक समारोह आयोजित

साहित्य समाज का दर्पण तथा भाषा उसकी आवाज-वासुदेव

बीकानेर, 3 जनवरी। शिक्षा मंत्राी प्रो. वासुदेव देवनानी ने कहा कि साहित्य समाज का प्रतिबिंब तथा भाषा उसकी आवाज होती है। इनके बिना समाज के अस्तित्व की परिकल्पना नहीं की जा सकती है। 
प्रो. देवनानी रविवार को वेटरनरी विश्वविद्यालय के आॅडिटोरियम में मायड मांण मंच समिति के वार्षिक समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भाषा, साहित्य, इतिहास और संस्कृति के बिना समाज अधूरा है। इसे ध्यान रखते हुए राज्य सरकार ने कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को 75 प्रतिशत राजस्थान का और 25 प्रतिशत भारत का इतिहास तथा कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों को पचास-पचास प्रतिशत राजस्थान और भारत का इतिहास पढ़ाने का निश्चय किया गया है। विश्व का इतिहास कक्षा 9 से पढ़ाया जाएगा। 

वन, पर्यावरण एवं खान मंत्राी राजकुमार रिणवा ने कहा कि राजस्थानी भाषा दुनिया की सर्वश्रेष्ठ और समृद्ध भाषाओं में से एक है। इसमें शब्दों का विपुल भंडार है तथा प्रत्येक शब्द के अनेक पर्यायवाची हैं। रिणवा ने इस अवसर पर गजानन वर्मा की ‘बादळी’ सुनाकर दर्शकों की वाहवाही लूटी। 

बीकानेर पश्चिम विधानसभा के विधायक डाॅ गोपाल कृष्ण जोशी ने कहा कि यूएसए के वेबस्टर शब्दकोश ने राजस्थानी को ‘मेजर लेग्वेजेज आॅफ वल्र्ड’ के रूप में मान्यता दी है। यह हमारे लिए गर्व की बात है। 

संवित् सोमगिरि महाराज ने कहा कि आज पाश्चात्य संस्कृति के बढ़ते प्रभाव के कारण हम अपनी भाषा से दूर होते जा रहे हैं। इस पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने युवाओं को जड़ों से जुड़ने की जरूरत बताई। 

इससे पहले अतिथियों ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर तथा इंडियन आइडल स्वर्गीय संदीप आचार्य को पुष्पांजलि अर्पित कर समारोह की शुरूआत की। 

राजस्थानी कृतियांे का हुआ विमोचन
इस अवसर पर अतिथियों ने रतनगढ़  के वरिष्ठ साहित्यकार सत्यनारायण इंदौरिया ‘सत्य’ की दो राजस्थानी कृतियांे ‘काव्य कलश’ और ‘मायरौ’ का विमोचन किया। विमोचित कृतियों की पहली प्रतियां पूर्व पार्षद विजय आचार्य को भेंट की गई। सत्यनारायण इंदौरिया ने पुस्तक की रचनाओं के बारे में बताया। इस अवसर पर पुरस्कृत लघु राजस्थानी फिल्म ‘सौदा’ का प्रदर्शन भी किया गया। 

राकेश शर्मा  को राष्ट्रीय संदीप पुरस्कार
समारोह के दौरान शिक्षा मंत्राी तथा वन, पर्यावरण एवं खान मंत्राी सहित अन्य अतिथियों ने बांदीकुई (दौसा) के शास्त्राीय गायक राकेश शर्मा को दूसरा राष्ट्रीय संदीप पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर राकेश शर्मा ने विभिन्न गीतों की प्रस्तुतियां दीं। गुलाम हुसैन ने तबले और पुखराज शर्मा ने हारमोनियम पर संगत दी। 

पांच साहित्यकार ‘मायड़ रत्न अलंकरण’ से हुए सम्मानित
इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार शिवराज छंगाणी, मालचंद तिवाड़ी, मधु आचार्य ‘आशावादी’ तथा लक्ष्मीनारायण रंगा एवं युवा साहित्यकार कुमार अजय को ‘मायड़ रत्न अलंकरण’ से नवाजा गया। सभी साहित्यकारों को प्रशस्ति पत्रा, पुष्प गुच्छ, शाॅल, श्रीफल एवं नकद राशि देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उदीयमान चित्राकार दिव्या काकड़ा को भी सम्मानित किया गया। 
समारोह के दौरान मंच पर खाजूवाला विधायक डाॅ विश्वनाथ मेघवाल, कोलायत विधायक भंवर सिंह भाटी तथा संस्था के अशोक हिंदुस्तान मौजूद थे। कार्यक्रम में डाॅ सत्यप्रकाश आचार्य, पूर्व पार्षद अरविंद किशोर आचार्य, पार्षद भगवती प्रसाद गौड़, महेन्द्र चूरा, विजय आचार्य   कुंज बिहारी दाधीच, नानक हिंदुस्तानी, किशन सिसोदिया, मनीष चड्ढा सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद थे। 

 

सत्यनारायण इंदौरिया   सौदा   राजकुमार रिणवा   वासुदेव देवनानी