Friday, 04 December 2020

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देवर्षि पं. महादेव शुक्ल का महाप्रयाण वागड़ के लिए अपूरणीय क्षति

प्रख्यात प्राच्यविद्यामनीषी की स्मृति में शोक एवं श्रद्धान्जलि सभाओं का तांता

बांसवाड़ा, देश भर में अपनी प्रतिभा की धाक जमाने वाले देवर्षि पं. महादेव शुक्ल के निधन पर वागड़ अंचल की विभिन्न संस्थाओं और संगठनों ने भावभीनी श्रद्धान्जलि अर्पित की है और कहा है कि उनके महाप्रयाण से क्षेत्र में धर्म-संस्कृति और अध्यात्म जगत का दैदीप्यमान नक्षत्र खो दिया है।

श्रीमद भागवत समिति एवं गणेश भक्त मण्डल के तत्वावधान में शहर के प्रसिद्ध सिद्धि विनायक गणपति मन्दिर में प्रख्यात प्राच्यविद्यामर्मज्ञ देवर्षि पं. महादेव शुक्ल के प्रति श्रद्धान्जलि अर्पित करने श्रद्धान्जलि सभा आयोजित हुई।

इसमें उपस्थित प्रबुद्धजनों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वेदों के प्रचार में अपना सर्वस्व अर्पित कर देने वाले देवर्षि पं. महादेव शुक्ल समाज के लिए प्रेरणा पुंज थे। प्राच्यविद्याओं के माध्यम से उन्होंने समाज और परिवेश को नई दिशा देने का कार्य किया जिससे सामाजिक, धार्मिक और आध्यात्मिक जगत से जुड़ी संस्थाएं और व्यक्ति लाभान्वित हुए।

सभा की अध्यक्षता करते हुए समिति के अध्यक्ष शंकरलाल दोसी ने कहा कि देवर्षि पं. शुक्ल उद्भट विद्वान थे जिन्हें देश भर में सम्मान और आदर से याद किया जाता रहा है। ऎसे गौरवपूर्ण व्यक्तित्व का महाप्रयाण अत्यन्त दुःखद है।

शिक्षाविद् मनोहरलाल चौबीसा ने कहा कि पं. शुक्ल ने वेद, अध्यात्म, कर्मकाण्ड तथा संस्कृत जगत की सेवा में अपना जीवन समर्पित कर दिया। इन क्षेत्रों में उन्होंने नई पीढ़ी को तैयार कर अमूल्य योगदान दिया है।

श्रीमद् भागवत समिति के सचिव रवीन्द्र मेहता ने कहा कि पं. शुक्ल के जाने से लोढ़ी काशी ने प्रकाण्ड विद्वान खो दिया है। इस रिक्तता से समूचा क्षेत्रा सूना-सूना हो गया है।

सुरेश गुप्ता एवं सत्यनारायण शाह ने पं. शुक्ल को प्रेरणा स्त्रोत बताते हुए संकट की घड़ी और हर धार्मिक-आध्यात्मिक समस्या से सहजता से उबार देने वाला व्यक्तित्व निरूपित किया।

श्री गणेश भक्त मण्डल के अध्यक्ष दीपक द्विवेदी ने कहा कि पं. शुक्ल के बताए मार्ग पर चलकर हम नई पीढ़ी को संस्कारवान बनायें, यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धान्जलि होगी।

श्रद्धान्जलि सभा में तन्म्य नागर, राधाकृष्ण खन्ना, नटवरलाल सागवाड़िया, मदन मेहता, अशोक मेहता, हीरा भाई, कन्हैया भाई, अजय त्रिवेदी, देवेन्द्र शाह सहित उपस्थित सैकड़ों भक्तों ने देवर्षि पं. महादेव शुक्ल के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।अन्त में दो मिनट का मौन रखकर दिव्यात्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।

पीताम्बरा परिषद ने दी श्रद्धान्जल
कर्मकाण्ड और ज्योतिष तथा तंत्र-मंत्र विधाओं के क्षेत्र में प्रसिद्ध वैदिक विद्वान देवर्षि पं. महादेव शुक्ल के ब्रह्मलीन होने पर पीताम्बरा परिषद की ओर से गुरुवार शाम गायत्री मण्डल परिसर में श्रद्धान्जलि सभा का आयोजन परिषद के संयोजक दिनेशचन्द्र भट्ट की अध्यक्षता में हुआ। इसमें परिषद के संरक्षक तथा गायत्री मण्डल के संस्थापक रहे देवर्षि पं. महादेव शुक्ल के महाप्रयाण पर गहरा शोक व्यक्त किया गया और परिषद की ओर से भावपूर्ण श्रद्धान्जलि अर्पित की गई।

इस अवसर पर देवर्षि पं. शुक्ल द्वारा वैदिक ज्ञान-विज्ञान के प्रचार-प्रसार, ज्योतिर्ष, कर्मकाण्ड और पौरोहित्य विधाओं के बारे में नई पीढ़ी को प्रशिक्षित करने की ढाई दशक से विद्यमान परम्परा और प्राच्यविद्याओं के संरक्षण एवं संवद्र्धन के क्षेत्र में दशकों तक की गई उनकी अनथक सेवाओं के साथ ही सर्वस्पर्शी एवं माधुर्यपूर्ण व्यक्तित्व का स्मरण किया गया।
परिषद के संयोजक दिनेश भट्ट ने इस अवसर पर कहा कि बगलामुखी साधना के बारे में साधकों और दीक्षा और प्रशिक्षण का समूचा श्रेय देवर्षि पं. महादेव शुक्ल को जाता है जिन्होंने पीताम्बरा परिषद का गठन कर क्षेत्र भर में बगलामुखी साधकों का व्यापक नेटवर्क तैयार किया। उन्होंने कहा कि पं. शुक्ल की इच्छा के अनुरूप बांसवाड़ा में बगलामुखी शक्तिपीठ की स्थापना, वृद्धाश्रम, गौशाला तथा तंत्र-मंत्र-यंत्र एवं ज्योतिष अनुसंधान केन्द्र की स्थापना के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
इस अवसर पर पं. राजेश त्रिवेदी, पं. विनय भट्ट, पं. नरेन्द्र आचार्य, पं. चन्द्रकान्त मेहता, पं. प्रदीप शुक्ला, पं. कन्हैयालाल जोशी, पं. दीपक द्विवेदी, पं. विद्यासागर शुक्ल, पं. देवेन्द्र शुक्ल, श्रीमती कल्पना, पं. गिरीश महाराज, पं. अमित जोशी, पं. नरेन्द्र चौबीसा ‘‘मामाजी’’, पं. विजय कुमार त्रिवेदी ‘‘बंटू महाराज’’ सहित पीताम्बरा साधकों ने पं. शुक्ल की तस्वीर पर पुष्पान्जलि अर्पित की। इस अवसर पर पीताम्बरार्चन महानुष्ठान किया गया और देवर्षि की दिव्यात्मा को शांति प्रदान करने की प्रार्थना की गई।

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