Sunday, 24 January 2021

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क्षणिकवाद का प्याला पीकर-सीखो हंसना और खिलना:यादव

काव्यपाठ की 97 वीं कडी में डा0 मनमोहन सिंह का एकल काव्यपाठ

बीकानेर पर्यटन लेखक संघ एवं महफिले अदब की जानिब से साप्ताहिक एकल काव्यपाठ की श्रंखला में रविवार को होटल मरूधर हेरिटेज में डा0 मनमोहन सिंह यादव का एकल काव्यपाठ रखा गया, जिसमें डा0 यादव ने रूहानियत से ओतप्रोत जीवन के विभिन्न पक्षों से जुडी रचनाओं से श्रोताओं को सराबोर कर दिया ।
  बुजुर्ग कवि उपध्यान चन्द्र कोचर के सान्निध्य में आयोजित कार्यक्र्रम में डा0 मनमोहन सिंह यादव ने अपनी पुस्तक ”मदिरालय“से रचनाएं प्रस्तुत की । डा0 यादव ने अपनी रचना “क्षण भंगुर है जीवन मेरा /पल भर का तेरा मिलना/क्षणिकवाद का प्याला पीकर/सीखो हंसना और खिलना” सहित अनेक रचनाएं सुनाई । कार्यक्रम के अध्यक्ष कवि-कथाकार-लेखक राजाराम स्वर्णकार ने डा0 मनमोहन सिंह यादव का कलाम जन जन तक पहुचाने की आवष्यकता पर बल दिया । उन्होने कहा कि डा0 यादव प्रषासनिक सेवा में अतिव्यस्त होने के बावजूद सृजनधर्म से नियमित जुडे है जो आज के युवाओं के लिए प्रेरणा के स्त्रोत है । राजस्थान उर्दू अकादमी जयपुर के पूर्व सदस्य असद अली असद ने डा0 यादव के कलाम में रची बसी मानवता ,प्रतीक, बिम्ब,इष्तेआरात को उजागर किया । असद ने मदिरालय काव्य संग्रह में प्याला षब्द को रेखांकित करते हुए उसके दर्षन की व्याख्या की । कार्यक्रम में कवि बाबूलाल छंगाणी ने डा0 मनमोहन सिंह का परिचय दिया । वरिष्ठ रंगकर्मी बी0 एल0 नवीन ने डा0 यादव के कलाम को आम आदमी का कलाम बताया । डा0 बह्याराम चौधरी ने डा0 यादव के अप्रकाषित साहित्य को प्रकाषित करने पर बल दिया । कार्यक्रम में योगेष कुमार बंषीवाला,जब्बार बीकाणवी, एन0सी0 आसेरी, मोहन वैष्णव, गोविन्द नारायण राजपुरोहित, विनय षर्मा, मोईनुदीन कोहरी नाचीज, सरदार अली पडिहार,कृष्ण गोपाल मितवा, मनोज गहलोत, विजय पटवा, हरिमोहन जैन, इरषाद अजीज, विकास पारीक  डा0 यादव के रचनाकर्म से रूबरू हुए । संचालन असद अली असद ने किया । कवि डा0 बाबूलाल छंगाणी ने धन्यवाद ज्ञापित किया ।
                       
 

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