Thursday, 25 February 2021

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बराबरी का अधिकार दें वरना..........?

आजादी के 67 साल बाद भी ओबीसी वर्ग ने क्या खोया, क्या पाया

बीकानेर । आजादी के 67 साल बाद भी ओबीसी वर्ग ने क्या खोया, क्या पाया। आज भी ओबीसी वर्ग अपने उत्थान के लिए संघर्ष कर रहा है। जब से देश आजाद हुआ ओबीसी वर्ग ने खोया ही खोया है। जब भी चुनाव नजदीक आते हैं इस वर्ग का इस्तेमाल किया जाता है। ये उद्गार ओबीसी महापंचायत में गोपाल गहलोत ने रेल्वे ग्राउण्ड में उपस्थित ओबीसी वर्ग को प्रबुधजनों को कही। उन्होंने कहा कि   मुझे इस बात की खुशी है कि ओबीसी समाज की सभी जातियां एक जाजम पर बैठी तो सही। आज तक हम समाजिक स्तर पर ही संघर्ष कर रहे थे। लेकिन आज से सभी जातियां मिलकर ओबीसी समाज को मुख्यधारा में लाने के लिए एक होकर प्रयास करेगी। उन्होंनेे कहा कि सभी समाज चाहेंगे तो निश्चित रूप से जीत हमारी होगी।  शहर भाजपा के अध्यक्ष रह चुके गोपाल गहलोत ने ओबीसी महापंचायत के माध्यम से राजनैतिक पार्टियों को यह संकेत दिया कि वे ओबीसी वर्ग का ख्याल रखते हुए राजनैतिक, शिक्षा व सामाजिक क्षेत्र में बराबरी का अधिकार दें अन्यथा ओबीसी वर्ग अब अपना नेता स्वयं चुनेगी जिसे राजनैतिक पार्टीयों की दरकार नहीं होगी।  गोपाल गहलोत ने अपने संबोधन में बगैर किसी का नाम लिये सभी समाज के लोगों से आह्वान किया कि वे षडय़ंत्रकारियों से सावधान रहें जो मेरे बारे में अफवाह उड़ाकर आप लोगों को भ्रमित करेंगे, वे मुझे भूमाफिया- गुंडा बतायेंगे लेकिन हमें उनके बहकावे में नहीं आना है। उन्होंने कहा कि एक भी षडय़ंत्रकारी ये साबित कर दे कि गहलोत भूमाफिया या गुंडागर्दी करने वाला शख्स है। वे बीकानेर छोड़ देंगे। 

कर देना कार सेवा, बान भरवा देना 
गहलोत ने कहा कि जिन लोगों ने मुझे महापौर का चुनाव हराने में सहयोग किया उन लोगों की बान भरवाने का वक्त आ गया है। इतना सा काम सभी ओबीसी वर्ग के लोगों को जरूर करना है कि वे बान भरवा दें। जिन लोगों ने एक हजार की भरवाई उनकी दुगनी बान भरवानी है। गहलोत का इशारा उनको महापौर चुनाव में हराने वाले लोगों को इंगित कर रहा था। 

गिनाई अपनी सेवाएं 

गहलोत ने कहा कि जिन लोगों के लिए मैनें झोली फैलाकर वोट मांगे, दिन रात एक किए उन्हीं लोगों ने महापौर चुनाव में ओबीसी वर्ग को कुचलने का कार्य किया। ऐसे षडय़ंत्रकारी लोगों को सबक सिखाना है। 

तिवाड़ी को किया याद 
गहलोत ने कहा कि मुझे ब्राह्मण विरोधी कहा जा रहा है। लेकिन में महापंचायत में यह खुलासा करना चाहता हूं कि मेरा राजनैतिक गुरू द्वारका प्रसाद तिवाड़ी थे। वे मेरे पिता तुल्य थे जिन्होंने मुझे राजनीति में आगे बढ़ाया आज वो दुनिया में नहीं है लेकिन मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं कि मैं उनका शिष्य हूं। आज मुझे ब्राह्मण विरोधी कहकर जनता को बरगलाया जा रहा है। ओबीसी की महापंचायत बुलाने पर मुझे यह संबोधन दिया जा रहा है । लेकिन में ओबीसी समाज के लिए तन,मन, धन से कार्य करुंगा। इसके लिए मुझे चाहे कोई भी किमत चुकानी पड़े। कुम्हार समाज के अशोक बोबरवाल ने कहा कि जब तक हम एकता के सूत्र में नहीं बंधेगें तब तक हमारा शोषण होता रहेगा। इसलिए वक्त आ गया है कि हम एक जाजम पर बैठें और निर्णय लें कि हम सर्वस िमत से अपना एक नेता चुनें जो हमारी पैरवी करे, जो हमारे हितों की बात करें इसके लिए हमें संगठित होना पड़ेगा। कर्मचारी नेता शिवलाल तेजी ने कहा कि हमें मुख्यधारा में आना होगा। तेजी ने महासभा में मेहनतकशों को एक होने का आह्वान किया। उन्होंने ‘वोट हमारा राज तु हारा-नहीं चलेगा, नहीं चलेगा ’ ‘बीकानेर के मेहनतकशों एक हो-एक हो’ के नारे लगाकर संगठित होने की बात कही। राष्ट्रीय नाई महासभा के भुपेन्द्र मारू ने महापंचायत में विश्वास दिलाया कि नाई समाज ओबीसी महापंचायत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेगा। समाज का हर वर्ग एकजुटता की शपथ लेकर कार्य करेगा। 

इन्होंने भी किया संबोधित 

कु म्हार समाज के नारायणराम मंगलाव, बंशीलाल प्रजापत, छींपा व दर्जी समाज के मन्नालाल सोलंकी, आत्माराम टाक, स्वामी समाज से रामगोपाल रामावत, नाथ समाज के काननाथ, ओड़ समाज के कमलकिशोर ओड़, भाट समाज के सीताराम, भंवरलाल , सोनी समाज से हुकमचंद, बाबुलाल, ओमप्रकाश, रावत समाज के सुरेश, चतृर्भुज, राजपुत समाज के मदनसिंह चौहान, आनन्दसिंह भाटी व गोस्वामी समाज के शिशपाल गोस्वामी नाई समाज से सोहनलाल पडि़हार व सुथार समाज से मूलचंद गेपाल, राधाकिशन मांडण प्रमुख थे।

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