Friday, 04 December 2020

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रामरहीम सिंह पहुंचे सात दिवसीय प्रवास पर गुरूसर मोडिया

सूरतगढ, कई सुरक्षा प्रबंधों के बीच आज डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख संत गुरमीत रामरहीम सिंह पूरे लाव लश्कर के साथ अपने पैतृक गांव गुरूसर मोडिया पहुंचे। अपने सात दिवसीय प्रवास के पहले दिन गुरमीत रामरहीम सिंह ने डेरा संचालकों से मुलाकात करने के अलावा गुरूसर मोडिया में कन्या महाविद्यालय की नींव रखी।
अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार डेरामुखी सुबह 10.30 बजे पूरे काफिले के साथ रावतसर से रवाना हुए। यह काफिला जाखडावाली, सूरतगढ होते हुए करीब सवा बारह बजे गुरूसर मोडिया पहुंचा। पुलिस प्रशासन की ओर से पूरे रास्ते में सुरक्षा के कडे इन्तजाम किए गए थे। राष्ट्रीय राजमार्ग पर पुलिस कर्मियों के साथ-साथ डेरा समर्थकों को भी तैनात किया गया था।
श्रीगंगानगर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजन दुष्यंत जहां सूरतगढ से गुरूसर मोडिया के बीच की सुरक्षा कमान संभाले हुए थे वही बीकानेर के अतिक्ति पुलिस अधीक्षक ओपी जांगिड गुरूसर मोडिया में सुरक्षा व्यवस्था संभाले हुए थे। गुरूसर मोडिया छावनी में तब्दील हो चुका था। यहां पर एसडीएम रोहित गुप्ता व तहसीलदार हर्षवर्धन सिंह व एक दर्जन से अधिक पुलिस उप अधीक्षकों के अलावा संभाग के अनेक थानाधिकारी मौजूद थे।
दोपहर बाद डेरामुखी स्थानीय डेरा संचालकों व डेरा अनुयाइयों के अलावा पत्रकारों से भी मिले। पत्रकारों से बातचीत में डेरा मुखी ने अपनी सात दिवसीय यात्रा की जानकारी दी। सायं 4 बजकर 21 मिनट पर डेरा मुखी ने गुयसर मोडिया ने 244×165 फिट में बनने वाले शाह सतनाम कन्या महाविद्यालय का शिलान्यास किया।
डेरा सच्चा सौदा सिरसा के प्रेस प्रवक्ता पवन इंसा ने बताया कि इस कन्या महाविद्यालय के लिए 330×495 वर्ग फिट का खेल मैदान होगा। डेरा मुखी के शिलान्यास करने के साथ ही 300 मिस्त्री व 5000 मजदूरों ने निर्माण कार्य शुरू कर दिया। इस महाविद्यालय में 21 क्लासरूम, 4 लैब, 1 पुस्तकालय व प्रशासनिक ने बताया कि उनका प्रयास रहेगा कि डेरामुखी के गुरूसर मोडिया प्रवास के दौरान यह महाविद्यालय तैयार हो तथा 21 जुलाई को इसका उद्घाटन डेरामुखी के हाथों से हो।
उन्होंने बताया कि गुरूसर मोडिया स्थित चिकित्सालय की 14वीं वर्षगांठ के अवसर पर 17 जुलाई को रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर में कई मोबाइल टीमे रक्त संग्रह करेगी। 19 जुलाई को सुबह 8 से 11 बजे तक रूहानी सत्संग होगा। इस सत्संग में हजारों अनुयायीयों के पहचने की संभावना है।
पवन इंसा ने बताया कि इस सत्संग में लोगों को नशा छुडाने का संकल्प दिलाने के अलावा, पर्यावरण सुरक्षा कन्या भूण हत्या के खिलाफ जन जागृति अभियान शुरू किया जाएगा।

पुलिस-प्रशासन की सर्तकता व कडी चौकसी के चलते काफिला गुजरा शांतिपूर्वक
सूरतगढ, करीब सात माह बाद अपनी जन्मस्थली गुरूसर मोडिया के लिए यहां से गुजरते डेरा सच्चा सौदा प्रमुख के निजी सुरक्षा कर्मियों व विरोध जता रहे सिख समुदाय के लोगों में विरोध जता रहे सिख समुदाय के लोगों में टकराव की नौबत आते-आते रह गई। हालांकि पुलिस-प्रशासन की सर्तकता व कडी चौकसी के चलते डेरा मुखी गुरमीत रामरहिम का काफिला यहां से शांतिपूर्वक गुजर गया।
डेरा प्रमुख के सिरसा से गुरूसर मोडिया जाने के कार्यक्रम को सुरक्षा कारणों से अत्यन्त गोपनीय रखा गया। बताया जाता है कि डेरामुखी के काफिले को रावतसर से बडोपल जाखडावाली वाया सूरतगढ से निकालने का कार्यक्रम मंगलवार रात्रि 12 बजे प्रशासन को मिला। इसके बाद चौ. चरणसिंह चौक पर सुरक्षा जाब्ता तैनात कर दिया गया। इसकी सूचना मिलते ही गुरूनानक नाम लेवा संगत के करीब दो दर्जन लोग हरनेक सिंह गिल व शरणपाल सिंह मान की अगुवाई में वहां पहुंच गये। सिखों के वहां पहुंचते ही पुलिस व प्रशासन के अधिकारी हरकत ही पुलिस व प्रशासन के अधिकारी हरकत में आ गये तथा चौक के एक किनारे में उन्हें खडा कर पुलिस जवान तैनात कर दिए। दोपहर करीब 11.35 बजे डेरा मुखी का काफिला गुजरना शुरू हुआ तो सिखों ने गुरमीत रामरहिम के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। काफिले में शामिल डेरा के सुरक्षा कर्मियों ने भी सिखों की तरफ हाथ से ईशारा करते हुए कुछ अपशब्द कहे। इस पर सिख संत के लोग भी उत्तेजित हो गये। परंतु पुलिस अधिकारियों व जवानों ने उन्हें काफिला गुजर जाने तक घेरा बना कर रोके रखा। डेरा के सुरक्षा कर्मियों व सिख समुदाय के लोगों में हुए इस घटनाक्रम से वहां मौजूद अधिकारी भी सकते में आ गये। काफिले में शामिल 70-80 वाहनों के शांतिपूर्वक गुजरने के बाद ही सिखों को घेरे से मुक्त किया गया। चौ. चरणसिंह चौक पर अति. कलेक्टर हनुमानदान बिट्टू, उपखण्ड अधिकारी रोहित गुप्ता, रायसिंहनगर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भरतलाल मीणा, पुलिस उप अधीक्षक सुरेश सैनी, सूरतगढ थाना अधिकारी मजीद खां, मुकलावा थाना प्रभारी किशनलाल बिश्ा*ोई सहित पुलिस व आरएसी के बडी संख में जवान मौजूद थे। इसके अलावा पूरे रास्ते में चप्पे-चप्पे पर पुलिस जवान तैनात किए गये थे, वहीं पुलिस अधिकारी भी लगातार एस्कार्ट करते रहे।
उधर, सिख संगत के हरनेक सिंह गिल ने डेरा सुरक्षा कर्मियों द्वारा अपशब्द कहे जाने के बाद भी उन पर कोई कार्रवाई नहीं करने पर पुलिस-प्रशासन भी निंदा की है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार बिना वजह लाखों रुपये सुरक्षा पर खर्च कर रही है। जो गलत है। डेरा मुखी का विरोध जताने वालों में गुरदीप सिंह भुई, जसवीर सिंह सग्गू, सुरजीत सिंह, हरजिन्द्र सिंह खालसा, मलविन्द्र सिंह, सुखविन्द्र सिंह, कम्बोज, सर्वजीत सिंह, बलविन्द्र सिंह, नत्थासिंह, महेन्द्र सिंह राठौड, सोनू, राजेन्द्र सिंह, श्रवण सिंह, युवराज उप्पल, गुरमुख सिंह आदि शामिल थे।

- विकास यादव

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