Sunday, 24 January 2021

KhabarExpress.com : Local To Global News
  2220 view   Add Comment

साध्वी प्रमुखा जी का मंगल पाठ

 बीकनेर,  तेरापंथ धर्म संघ क्ी महानिदेशिक महाश्रमणी साध्वी प्रमुखा क्नक्प्रभा ने नैतिक्ता क्े शक्तिपीठ पर पाथेय प्रदान क्रते हुए क्हा क् िव्यक्ति के अपनी आत्मा के पहचानना चाहिए। व्यक्ति अपनी आत्मा के पहचान ही नहीं पाता, वह अपनी आत्मा क्ी विस्मृति क्र अन्य तत्वों में रूक् जाता है। उन्होंने क्हा क् िआत्मा में विकर है और सबसे बड़ा विकर है मोहनीयर्क्म। साध्वी प्रमुखा ने क्हा क् िभगवान महावीर ने आठ र्क्मों क्ी व्याख्या क्ी है, इनमें सबसे प्रमुख मोहनीय र्क्म है, जो व्यक्ति के मूढ बनाता है, संसार से भटकता है। रागात्मक् व द्वेषात्मक् जितनी विक्ृतियां होती है वे मोह क्े करण होती है। जब तक् मोह प्रबल रहता है, व्यक्ति सोच ही नहीं पाता क् िअपने बारे में, अपनी आत्मा क्े बारे में सोचना है। उन्होंने  मोह र्क्म क्े दो रूप बताये, एक् अहंकर व दूसरा ममकर। उन्होंने क्हा क् िआचार्य भिक्षु ने तेरापंथ क संविधान बनाते हुए इस बात पर ध्यान दिया व लक्ष्य बनाया क् िसाधुओं में अहंकर व ममकर क्ी वृद्धि नहीं हो, इसी दृष्टि से उन्होंने धर्मसंघ में एक् आचार्य क्ी परम्परा स्थापित क्ी। भगवान महावीर ने भी बताया क् िअहंकर व ममकर क्ी वृति दोनों व्यक्तियों के भटक देते हैं। साध्वी प्रमुखा ने क्हा क् िव्यक्ति ज्ञान, रूप, धन-वैभव, परिवार, सत्ता व पद क अहंकर क्रता है। व्यक्ति जब इनमें उलझ जाता है तो अपने बारे में सोच ही नहीं पाता है, जबक् िव्यक्ति अक्ेला आता है व अक्ेला जाता है। उन्होंने क्हा क् िव्यक्ति क्े न केई साथ आता है और न केई साथ जाता है। ममत्व आदमी के बांध क्र रखता है क् िमेरी मां, मेरा पुत्र आदि। जब तक् अहंकर व ममकर क्म नहीं होंगे, तब तक् व्यक्ति राग द्वेष से मुक्त नहीं हो सक्ेगा। धार्मिक् व्यक्ति क्े लिए आवश्यक् है राग द्वेष के क्म क्रें व अहंकर व ममकर के ढीला क्रें। अपने बारे में सोचें, आत्मचिंतन क्रें तथा अपनी आत्मा क्े अभ्युदय क्े लिए केई न केई धार्मिक् अनुष्ठान अवश्य क्रें। प्रतिदिन नमस्कर मंत्र व सामायिक् क्ी साधना अवश्य क्रें। लक्ष्य बनायें, श्रावक् क्े लिए व आत्मा क्ी अनुभूति क्े लिए सामायिक् अवश्य क्रें। सामायिक् से आत्मा क्ी अनुभूति हो सक्ेगी। इस पाथेय क्े बाद साध्वी प्रमुखा जी ने वृह्द मंगल पाठ सुनाया। उल्लेखनीय है क् िसाध्वी प्रमुखा क्नक् प्रभा जी अभी नैतिक्ता क्े शक्तिपीठ पर प्रवास क्र रही हैं तथा प्रतिदिन सुबह 7 बजे पाथेय एवं मंगलपाठ सुनाती हैं। श्रद्धालुओं क भारी संख्या में आवागमन लगा रहता है।

 

 

Share this news

Post your comment