Sunday, 24 January 2021

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झालावाड-पर्यटन विकास के सार्थक प्रयास

हवाई पट्टी का निर्माण। जिला मुख्यालय के समीपस्थ गागरोन मार्ग पर कोलाना ग्राम के पास ५ करोड रुपये की लागत से हवाई पट्टी का निर्माण कार्य करवाया गया है।

जयपुर, ३१ दिसम्बर, २००७ झालावाड जिले में विगत चार वर्षों में पर्यटन विकास की दृष्टि से विशेष प्रयास किये गये है। इस अवधि में जिले के पुरातात्विक एवं पर्यटन महत्व के स्थलों, सांस्कृतिक धरोहरों तथा आस्था धामों का पुनरुद्धार, सौन्दर्यीकरण, मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाना, प्राकृतिक एवं रमणीक स्थलों को पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। जन आस्था एवं श्रद्धा स्थलों के विकास पर वर्तमान शासन द्वारा अपेक्षा से अधिक ध्यान दिया गया है।
 पर्यटन विकास की दृष्टि से सम्पन्न हुए विकास कार्यों में सबसे अहम् कार्य है, हवाई पट्टी का निर्माण। जिला मुख्यालय के समीपस्थ गागरोन मार्ग पर कोलाना ग्राम के पास ५ करोड रुपये की लागत से हवाई पट्टी का निर्माण कार्य करवाया गया है। यह हवाई पट्टी छोटे हवाई जहाजों के आवागमन के लिए निर्मित की गई है। झालावाड में २५ लाख रुपये की लागत से पर्यटक स्वागत केन्द्र का निर्माण करवाया गया है। गांवडी तालाब के किनारे पर्यटक केम्पिंग साइट का निर्माण करवाया गया है, जिसमें आवासीय सुविधा के लिए आकर्षक हट्स बनाई गई है। पर्यटक ग्राम में गार्डन, फव्वारे, मनोरंजन के साधन भी मुहैया करवाये गये हैं। पर्यटक केम्पिंग साईट के निर्माण पर सवा करोड रुपये व्यय किये गये हैं। इसी के समीप २३ लाख रुपये की लागत से टेरेस गार्डन भी बनाया जा रहा है।
 झालावाड में खंडिया तालाब की पाल पर सैरसपाटे के लिए चौपाटी का निर्माण किया गया है। इसी के समीप पार्क एवं फव्वारे भी लगाये गये हैं। शहर में अनेक तिराहों तथा चौराहों का नव निर्माण किया गया है और आकर्षक फव्वारे भी लगाये गये हैं। झालावाड तथा समीपस्थ झालरापाटन शहर में विद्युतीकरण एवं मुख्य सडक मार्गों के अलावा प्रत्येक गली मोहल्ले में सीमेन्ट कंक्रीट से सडक मार्ग बनाये गये हैं।
 झालरापाटन शहर में गोमती सागर की पाल पर सैरसपाटे के लिए नगरपालिका ने ७२ लाख रुपये की लागत से शानदार चौपाटी का निर्माण किया है। इसी के समीप वन विभाग ने ७९ लाख रुपये की लागत से हर्बल गार्डन भी विकसित किया है, जो राजस्थान में अपने प्रकार का अनूठा वनौषधि उद्यान है। पाटन में प्राचीन मदन विलास पैलेस का नवीनीकरण कार्य के लिए राज्य सरकार ने ६० लाख रुपये मंजूर किये हैं। ऐतिहासिक गागरोन दुर्ग के संरक्षण एवं विकास कार्यो के लिए राज्य सरकार ने ५.३८ करोड की स्वीकृति प्रदान की है। कोलवी एवं विनायका की गुफाओं तथा चन्द्रभागा मंदिर का भी विकास कराया जा रहा है।
धार्मिक पर्यटन विकास की दृष्टि से झालरापाटन स्थित ऐतिहासिक सूर्य मंदिर के विकास, पुनरूद्धार एवं सौन्दर्यीकरण कार्यों पर ३३ लाख रुपये व्यय किये गये हैं। सूर्य मंदिर एवं नवलखा किले पर फ्लड लाईटिंग करवाई गई है। पाटन के द्वारकाधीश मंदिर, शांतिनाथ जैन मंदिर तथा चन्द्रावती मंदिर समूहों के संरक्षण, पुनरूद्धार एवं सौन्दर्यीकरण कार्यों पर भी खास ध्यान दिया गया है। द्वारकाधीश मंदिर के लिए १.३४ करोड रुपये स्वीकृत किये गये हैं, जिसमें से अब तक एक करोड आठ लाख व्यय हो चुके हैं। जिले के २७ आस्था धामों के विकास के लिए ४ करोड से अधिक का प्रावधान रखा गया है। शांतिनाथ जैन मंदिर के पुनरुद्धार पर ५५ लाख रुपये खर्च होंगे। चन्द्रावती मंदिर परिसर में प्रतिमा संग्रह कक्ष का निर्माण करवाया गया है। चन्द्रभागा नदी के घाटों के नव निर्माण पर ५५ लाख रुपये खर्च किये जा रहे हैं।

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