Tuesday, 28 September 2021

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अर्न्तराष्ट्रीय बाल आनन्द महोत्सव 22 नवम्बर से बीकानेर में

सुब्बाराव पंहुचे विभिन्न विद्यालयों में

बीकानेर, नेशनल यूथ प्रोजेक्ट एवं अन्तर भारती के संयुक्त तत्वावधान में 13 वां अर्न्तराष्ट्रीय बाल आनन्द महोत्सव 22 नवम्बर से 28 नवम्बर तक बीकानेर में आयोजित होगा। इस बाल आनन्द मेले में भारत के विभिन्न प्र्रदेशों, विदेशों, बीकानेर जिले के 8 से 12 वर्ष आयु के प्रतिभाशाली बालक-बलिकाऐं भाग लेगें। बीकानेर में लगभग 600 अतिथि बालक-बालिकाऐं बीकानेर के बालक-बालिकाओं के साथ उनके घरों में रहकर बाल जीवन का आनन्द लेगें। आन्तर भारती राजस्थान के प्रभारी मनोज व्यास के अनुसार बाल आनन्द महोत्सव का उद्घाटन डॉ एस सुब्बाराव करेगें। इस अवसर पर आन्तर भारती राष्ट्रीय पुणे के महासचिव सदाविजय आर्य भी उपस्थिति रहेगें। बाल आनन्द महोत्सव का आयोजन धरणीधर खेल मैदान में होगा। बुधवार को महोत्सव आयोजन को लेकर डॉ एस एन सुब्बाराव व सदाविजय आर्य की उपस्थिति में अजित फाउण्डेशन से संवाद कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में बीकानेर की निजी विद्यालायों के प्रशासक, शिक्षाविद, समाजसेवी व गणमान्यजन उपस्थित हुए। कार्यक्रम की रूपरेखा सदाविजय आर्य ने रखी। श्रीलाल मोहता, ज्ञानेन्द्र श्रीमाली, अमित जोशी, जतिन दरगड, नारायण दास किराडू आदी ने विचार रखे व बाल आनन्द महोत्सव की सफलता की कामना कर हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

सुब्बाराव पंहुचे विभिन्न विद्यालयों में 
बीकानेर में 22 नवम्बर से आयोजित होने वाले अर्न्तराष्ट्रीय बाल महोत्सव के लिए वातारवण निर्माण एवं विभिन्न क्षेत्रों के व्यक्तियों से मुलाकात व विचार-विर्मश के लिए डॉ एस एन सुब्बाराव शहर की विभिन्न विद्यालायों में पंहुचे व छात्र-छात्राओं से रूबरू हुए। मनोज व्यास के अनुसार नालन्दा पब्लिक सीनियर सैकेण्डरी स्कूल, विक्टोरियस पब्लिक स्कूल, रमेश इंग्लिश स्कूल व विवेक बाल निकेतन स्कूल में विद्यार्थियों से मिले व बाल आनन्द महोत्सव की जानकारी दी। शिक्षक-शिक्षकाओं से भी वातावरण निर्माण हेतु मुलाकात की। वही सामाजिक कार्यकताओं, बुद्धिजीवियों, शिक्षाविदों, अग्रिम युवा नेतृत्व, उधोगपतियों, विभिन्न क्षेत्रों के लोगों से भी मुलाकात की। 

जीवन में संवेदनशीलता जरूरी-सुब्बाराव
बीकानेर, प्रखर चिन्तक एवं विचारक डॉ एस एन सुब्बाराव ने कहा कि जीवन में संवेदनशीलता का बडा महत्व है। बुधवार को अजित फाउण्डेशन में संवाद कार्यक्रम में कहा कि संवेदनशीलता से मानव जीवन में मनुष्यता के भाव आते है। प्रेम, भाईचारा, राष्ट्रीय एकता भाव प्रकट हते है। उन्होने कहा भारत विविधता में एकता का प्रतीक राष्ट्र है। प्रेम, एकता व भाईचारे की भावना हर हद्रय में होनी जरूरी। बाल आनन्द महोत्सव पर कहा कि बच्चे क्या करना चाहते है यह जरूरी है। उनकी भावनाओं को समझना व उन्हे स्वछदंता उपलब्ध करवाना जरूरी है। महोत्सव की पूर्ण सफलता के लिए आमजन का सहयोग जरूरी है। 

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