Monday, 14 June 2021

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सयंत्र लगाने की भी घोषणा

हनुमानगढ, ४ मई । मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने क्षतिग्रस्त नहरों को ठीक कराने के साथ ही हरिके बैराज से आने वाले दूषित पानी को साफ कर पीने योग्य बनाने के लिए एक वर्ष में सयंत्रा लगाने की भी घोषणा की ।
हनुमानगढ जिले के ढाबां गांव में आयोजित किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्रीमती राजे ने कहा कि नहरी तंत्रा का दौरा करने के पीछे उनका एक मात्रा उद्देश्य यह रहा है कि वे अपनी आंखों से नहर को देखें और काश्तकारों की तकलीफों से रूबरू हो । उन्होंने कहा कि नहरी क्षेत्रा का दौरा कर हरिके बैराज, हुसैनी वाला, ४९६ आर.डी. आदि क्षेत्रों को देखा है और पाया कि यहां का किसान पानी के लिए तरसता है । सरहिन्द एवं राजस्थान फीडर को देखने के बाद पाया कि किसानों को ऐसा पानी मिलता है जो पीने योग्य नहीं है। और काश्तकार उसे खेतों में डालते हैं ।
श्रीमती राजे ने कहा कि उन्हें यह आश्वासन दिया गया है कि एक साल में प्लांट लगाया जाएगा । जिससे राजस्थान के किसानों को शुद्ध पानी मिल सके । उन्होंने कहा कि कई जगह नहरों के किनारें क्षतिग्रस्त होने से पानी व्यर्थ जाता है । उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रयास करेगी कि क्षतिग्रस्त नहरों की मरम्मत हो जिससे किसानों को पूरा पानी मिल सके । मुख्यमंत्री ने साफ किया कि पिछले पच्चास सालों में रखरखाव के लिए कोई काम नहीं हुआ ।
म्ुाख्यमंत्राी ने बताया कि कृषि के क्षेत्रा में बजट को दोगुना कर ५६० करोड रूपये करने के साथ ही पहली बार पिछले साल नहरों के रखरखाव के लिए ४२ करोड तथा इस साल ५० करोड रूपये का योजना मद में प्रावधान किया गया है । उन्होंने बताया कि किसानों को अंतिम छोर तक पानी पहचाने के लिए नहर से मिट्टी हटाई गई वहां हरिके बैराज के गैटों की मरम्मत कर पाकिस्तान व्यर्थ जा रहे पानी को रोका गया है । फिरोजपुर फीडर, मल्लेवाली हैड, बीकानेर नहर तथा इंदिरा गांधी फीडर की मरम्मत एवं जीर्णोंंद्वार के लिए बजट का प्रावधान किया गया है ।
न्हरी क्षेत्रा में वर्तमान सरकार द्वारा किये गये कार्यों का उल्लेख करते हुए श्रीमती राजे ने कहा कि मोघों को ठीक कराने, खालों का निर्माण एवं कवरिंग, जल संरक्षण जैसे किसान हित के उपाय किये गये । उन्होंने नहरी क्षेत्रा में ड्रिप एवं स्प्रिंकलर पद्धति को बढावा देने तथा पानी के उपयोग और नहरों के रखरखाव के लिए उपभोक्ता संगठनों के गठन का सूझाव देते हुए जन प्रतिनिधियों का आह्वान किया कि वे इस मामले में जनमत बनायें ।
डन्होंने बताया कि फववारा एवं ड्रिप सिंचाई पद्धति को प्रोत्साहित करने के लिए ५० प्रतिशत अनुदान का प्रावधान किया गया है । इसी तरह डिग्गी मय फववारे के लिए डिग्गी के आकार के अनुसार २७ हजार से ४७ हजार रूपये तक का अनुदान देने, फववारा या ड्रिप पद्धति से सिंचाई करने वाले किसानों को १० पैसे प्रति यूनिट विशेष छूट देने की जानकारी दी । मुख्यमंत्री ने बताया कि सहकारी बैंकों के ऋण, उपनिवेशन क्षेत्रा के किसानों की बकाया राशि पर ब्याज की दर घटाया गया है । इसी तरह किसानों के २८ करोड रूपये के ब्याज, ३० करोड रूपये का आबियाना माफ तथा पांच फसलों के ३१ अगस्त‘२००८ तक के ब्याज माफ किये गये हैं । मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों के हित में ओलावृष्टि प्रभावित काश्तकारों के लिए १०० करोड रूपये की विशेष राहत पैकेज दिया गया ।
डनहोंने गंग, भाखडा एवं इन्दिरा गांधी नहर परियोजनाओं में सिंचाई के लिए जल वितरण की बाराबंदी (सतरोजा बारी) में जन भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि नहरों के रखरखाव एवं पानी के वितरण में भी इसी तरह की भागीदारी को आगे बढाया जा सकता है । मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में किसानों को सर्वाधिक पानी मिला है ।  उन्होंने कहा कि नहरी क्षेत्रा में हुई रिकार्ड फसल इस बात की प्रत्यक्ष गवाह है । श्रीमती राजे ने कहा कि अगर ऐसा नहीं होता तो राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद ने प्रदेश के हनुमानगढ एवं झाालावाड जिलों को कृषि विस्तार के लिए मैरिट सर्टिफिकेट देने की घोषणा की ।
डन्होंने किसानों के हित में किये गये फसलों की जानकारी  देते हुए बताया कि तीन दशक बाद कृषि उपज मंडी समितियों के चुनाव कृषि विकास के लिए कार्य बल का गठन, किसान आयोग की सिाापना जैसे अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाये गये हैं ।
किसान सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए जल संसाधन मंत्राी प्रो. सांवर मल जाट ने कहा कि श्रीमती राजे के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों के हित में अनेक कदम उठा रही है । उन्होंने कहा कि किसानों की चिन्ता है तभी तो ६५० किलोमीटर लम्बे नहर तंत्रा को अपनी आंखों से देखने का कार्यक्रम बनाया है । उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जा रहे पानी को रोका, नहरों की मिट्टी साफ कराई, ६०० सिंचाई पटवारियों को लगा कर किसानों को राहत पहचायी गई । प्रो. जाट ने कहा कि १९८१ के समझौते के साथ ही नहरी क्षेत्रा की समस्या शुरू हुई थी । उन्होंने कहा कि यह समझौता पूर्ववर्ती सरकार नहीं करती तो ०.६ एम.ए.एफ. पानी के लिए हमें संघर्ष नहीं करना पडता । राजस्थान की मुख्यमंत्री प्रदेश के हिस्से के पानी को प्राप्त करने में कोई कसर नहीं छोड रही । विधायक गुरूजन्ट सिंह ने भी सम्बोधित किया । संसदीय सचिव श्री भवानी सिंह राजावत भी इस मौके पर मौजूद थे ।

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