Tuesday, 28 September 2021

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चुनावों के लिए सभी करे सहयोगः डोगरा

लोकसभा चुनाव 2014 पर चुनाव आयोग की होगी कड़ी नजर

बीकानेर,  जिला निर्वाचन अधिकारी आरती डोगरा ने लोकसभा चुनाव 2014 की प्रक्रिया के दौरान सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से पूर्ण भागीदारी और सहयोग की अपील की है, जिससे आम चुनाव निष्पक्ष और स्वतंत्र रूप से सम्पन्न हो सकें। 
लोकसभा चुनाव 2014 के कार्यक्रम की घोषणा के बाद गुरूवार को जिला कलेक्ट्रट सभागार में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए डोगरा ने कहा कि आम चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से सम्पन्न हों, इसके लिए राजनीतिक दलों को आदर्श आचार संहिता की पालना सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग ने आचार संहिता में कुछ नए प्रावधान शामिल किए हैं और राजनीतिक दलों के सहयोग के बिना इसकी पूर्ण अनुपालना संभव नहीं है अतः राजनीतिक दलों का सहयोग अपेक्षित है। 
घोषणा पत्रा भी आचार संहिता के दायरे में
डोगरा ने बताया कि चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों के घोषणा पत्रा को भी इस बार आदर्श आचार संहिता के दायरे में रखा है।  साथ ही प्रत्याशी के चुनाव खर्च पर चुनाव आयोग कड़ी नजर रखेगा। चुनाव खर्च की सीमा पर नजर रखने के लिए 63 फ्लाइग स्केवेड्स नियुक्त किए गए हैं। प्रत्येक उम्मीदवार अपने प्रचार पर अधिकतम 70 लाख रूपये खर्च कर सकता हैं। प्रत्याशी के नामांकन के समय से ही खर्च की गणना शुरू हो जाएगी। प्रत्याशी को अपना खर्च प्रत्येक तीन दिन में रिटर्निंग अधिकारी के ऑफिस में जमा करवाना होगा, जहां शेडो रजिस्टर से इसका मिलान किया जाएगा। इसके साथ ही हर तीन दिन में खर्च को चुनाव आयोग की वेबसाइट पर भी ऑनलाइन अपडेट किया जाएगा।
विज्ञापन की लें पूर्व अनुमति
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि आचार संहिता लागू होने के साथ ही धारा 144 भी लागू हो गई है अतः सभी दल अपनी तय सभा स्थलों पर ही अपनी प्रचार सभाएं आयोजित करें और इसके लिए पूर्व में अनुमति लें। उन्होंने बताया कि कोई भी उम्मीदवार धार्मिक जगह का उपयोग अपने प्रचार के लिए नहीं कर सकेगा। डोगरा ने कहा कि इस बार सभी प्रत्याशियों को अपने एफिडेविट में सोशल साइट का अकांउट भी लिखना होगा और यदि वे सोशल नेटवर्क या ई-पेपर पर कोई विज्ञापन प्रसारित करवाते हैं तो मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी (एमसीएमसी) से पूर्व में ही इसकी अनुमति प्राप्त करनी होगी। उन्होंने बताया कि शहर में विभिन्न स्थानों पर होर्डिंग लगाने की अनुमति पहले आओ पहले पाओ के आधार पर दी जाएगी। 
सरकारी सम्पति विरूपण तो होगी कार्यवाही 
डोगरा ने कहा कि प्रत्याशी अपने प्रचार के लिए पोस्टर, बैनर और फ्लैग लगाने के लिए सरकारी और सार्वजनिक सम्पत्ति का प्रयोग न करें अन्यथा उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। यदि घर या निजी संस्थान आदि का प्रयोग बैनर, फ्लैग आदि के लिए करना है तो इसकी भी पूर्व में अनुमति लेना अनिवार्य है। उन्होंने कहा  कि प्रत्याशियों को अपने पेम्पलेट आदि पर प्रिटिंग प्रेस का ब्यौरा आवश्यक रूप से देना होगा  अन्यथा उनके खिलाफ धारा 171 एच के तहत कार्यवाही की जाएगी। 
एफिडेविट का कोई कॉलम न छोड़ें खाली
डोगरा ने कहा कि प्रत्याशी अपने फार्म में सभी कॉलम भरें और उपयुक्त कॉलम नहीं होने पर निल का प्रयोग करें। किसी भी स्थिति में फार्म में कोई कॉलम खाली छोड़ा जाना स्वीकार्य नहीं होगा। नामांकन पत्रा भरने के लिए प्रत्याशी अधिकतम चार व्यक्तियों और तीन गाड़ियों के साथ कार्यालय में पहुंच सकते हैं। डोगरा ने बताया कि चुनाव आयोग द्वारा स्टार प्रचारकों की सूची उपलब्ध करवाने के बाद यदि किसी प्रत्याशी की प्रचार सभा में स्टार प्रचारक मौजूद रहते हैं तो उसका खर्च चुनाव आयोग के निर्देशों की पालना के तहत पार्टी या प्रत्याशी के व्यय में जोड़ा जाएगा। सभी प्रत्याशी अपने नामांकन से एक दिन पूर्व बैंक में आवश्यक रूप से खाता खुलवा लेवें और अपने सारे ट्रांजेक्शन बैंक अकाउट के जरिए ही करें। उन्होंने कहा प्रत्याशी इस बात का ध्यान रखें कि मॉक पोल के लिए आने वाले उनके पोलिटिकल एजेंट अपराधिक पृष्ठभूमि के न हों। प्रत्याशी बूथ के 200 मीटर के दायरे में अपना कार्यालय नहीं खोल सकते। 
 

करें एक्सपेंडीचर एजेंट की नियुक्ति

डोगरा ने कहा कि प्रत्याशी अपने चुनाव खर्च की गणना के लिए पोलिंग एजेंट की तरह ही एक एक्सपेंडीचर एजेंड की नियुक्ति निर्वाचन कार्यालय से करवाएं जिससे व्यय गणना में सुगमता रहे। उन्होंने बताया कि चुनाव में पारदर्शिता लाने के लिए चुनाव आयोग ने प्रत्याशियों के साथ पार्टी के खर्च की  भी गणना करने का निर्णय लिया है, इसके तहत नामांकन से पूर्व किया जा रहा खर्च पार्टी के खाते में जोड़ा जाएगा। 
डोगरा ने बताया कि आदर्श आचार संहिता के दौरान केवल वे ही कार्य चालू रहेंगे जो वर्तमान में जारी है। नए कार्य निविदाएं, टेंडर और वर्क ऑर्डर जारी नहीं किए जा सकेंगे। रिलीफ आदि से जुड़े काम भी केवल चुनाव आयोग की अनुमति के बाद ही करवाए जा सकेंगे। 
राजनीतिक दलों की उपस्थिति में होगा रेंडमाइजेशन
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि चुनाव आयोग के निर्देशों की पालना में लोकसभा चुनाव के दौरान उपयोग में आने वाली इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन का रेंडमाइजेशन राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में किया जाएगा। इसी तरह मतदान के दिन पोलिंग एजेंट की उपस्थिति में ईवीएम में मॉक पोल मतदान से पूर्व करवाया जाएगा। 
बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी के एम दूड़िया और जिला रसद अधिकारी नरेन्द्र सिंह पुरोहित , भारतीय जनता पार्टी के कन्हैयालाल जोशी, अनिल शुक्ला, कांग्रेस के लक्ष्मण कड़वासरा, गुलाम मुस्तफा,  सीपीआई(एम) के लालचंद भादू, उपस्थित थे।
 
 
 

 

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