Monday, 20 September 2021

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रिश्वत लेकर करे घोटाला, चम्मचा धोखेबाज

ख्याल में भ्रष्टाचार व घोटालों पर होंगे करारे व्यंग्य

बीकानेर, होलाष्टक में मंचित होने वाली ऐतहासिक रम्मतों में स्वांग मेहरी रम्मतों का विशेष स्थान एवं स्वर्णिम इतिहास रहा है। स्वांग मेहरी रम्मतों के ख्याल दशकों से शासन, प्रशासन, भ्रष्टाचार, अत्याचार, अनाचार, कुप्रथाओं, राजनीति, राजनेताओं, राष्ट्रीय व स्थानीय समस्याओं पर खुल्लम-खुल्ला करारे व्यंग्य करने का सशक्त माध्यम रहे है। रियासत काल से अब तक रम्मत के उस्तादों ने अपनी निर्भिकता तथा स्वंतत्र लेखनी से शासन-प्रशासन की पोल को खोलने के साथ आमजन व देश के हित में अपनी स्वतंत्र राय रखी है। होली के अवसर पर इस बार बारह गुवाड चौक, कीकाणी व्यासों का चौक तथा भट्ठडों के चौक में मंचित होने वाली स्वांग मेहरी रम्मतों में भ्रष्टाचार व घोटलों पर खुल्लम-खुल्ला करारे व्यंग करने के साथ देश की राजनीति व राजनेताओं की पोल खोली जायेगी। बारह गुवाड चौक में उस्ताद दासी महराज ओझा की स्वांग मेहरी में 5 मार्च की सुबह उस्ताद बंशी महाराज के निर्देशन में रम्मत कलाकार-

सब ऐके कुण्डे न्हाया, खुरचण्डिया खुरचण खाया
सब दीखत रा सहुकारा है चोरो रा सरदारा
चाती ज्यौ चिपग्या कुरसी रै करे न कोई काज
बळ पडता नियम बणाव, फिर भ्रष्टाचार करावै मिरजापुरिया लोटा गुडके, बणके ततीरबाज
रिश्वत लेकर करै घोटाला, चम्मचा धोखेबाज आमजन के बीच रम्मत कलाकार देश के नेताओं पर  व्यंग्य करे।

कीकाणी व्यासों के चौक में मंचित होने वाली उस्ताद जमना दास कल्ला की स्वांग मेहरी रम्मत के दौरान 5 मार्च को उस्ताद फूना महारज के नेतृत्व में रम्मत कलाकार राजनेताओं को शब्दों के माध्यम से आडे हाथों लेगें। धृतराष्ट्र मनमोहन सिंह जी राज चलाती इक नारी रामदेव जी स्विस बैंक का राग अलपाते है मायावती के गबन घोटले चुप-चाप क्यू सहते है कोष हो गया खाली, जनता को ये बतलाते है बडा-बडा नेताओं रा घर रूपियों सू भरयोडा है इसी प्रकार भट्ठडों के चौक में 4 मार्च को मंचति होने वाल फागुजी व्यास की स्वांग मेहरी रम्मत में भी भ्रष्टाचार एवं घोटले निशाने पर होंगे। उस्ताद जतन लाल श्रीमाली के निर्देशन से रम्मत कलाकार नेता खुद करे घोटला, ये पूंजीवाद के छाले दिखने में धोले-धोले, अन्दर से ये नाग काले-काले स्वांग मेहरी रम्मतो के ख्यालों में भ्रष्टाचार और घोटालों के साथ-साथ लोकपाल बिल, आरक्षण, मंहगाई भी निशाने पर होगी। अन्ना के लोकपाल बिल का समर्थन कर शासन से सशक्त लोकपाल बिन लाने, आरक्षण को हटाने पर भी करारे व्यंग्य ख्याल गीतों में किये जायेगें। 

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