Tuesday, 28 September 2021

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हरिहर महायज्ञ एवं चतुर्वेद संहिता पारायण का आयोजन 13 से

13 से 21 दिसंबर तकम नत्थूसर गेट के बाहर स्थित गज गंगेश्वर महादेव ओझा नानगाणी बगेची में 51 कुण्डात्मक अभूतपूर्व चक्राब्ज कुण्ड सहित श्री हरिहर महायज्ञ एवं चतुर्वेद संहिता पारायण का आयोजन होगा।

 बीकानेर, राष्ट्र गौरव में उन्नति, विश्व शांति एवं पड़ौसी देशों की सद्बुद्धि की कामना को लेकर 13 से 21 दिसंबर तकम नत्थूसर गेट के बाहर स्थित गज गंगेश्वर महादेव ओझा नानगाणी बगेची में 51 कुण्डात्मक अभूतपूर्व चक्राब्ज कुण्ड सहित श्री हरिहर महायज्ञ एवं चतुर्वेद संहिता पारायण का आयोजन होगा। इस महायज्ञ के धार्मिक अनुष्ठानों का शुभारंभ यज्ञ स्थल पर ध्वजारोहण के साथ हो चुका है। पत्रकारों को जानकारी देते हुए यज्ञाचार्य एवं इस महायज्ञ के आचार्य पं. भागीरथ ओझा ने बताया कि मोतीलाल ओझा सांग्वेद प्रतिष्ठान एवं श्री हरिहर महायज्ञ समिति के तत्वावधान में आयोजित हो रहे इस महायज्ञ के धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में 12 दिसंबर को भव्य कलश यात्रा एवं प्रायश्चित कार्यक्रमों का आयोजन होगा। कलश यात्रा प्रात: 10 बजे लक्ष्मीनाथ मंदिर से प्रारंभ होकर बड़ा बाजार, आचार्य चौक, मरूनायक चौक, मोहता चौक, हर्षों का चौक, रत्ताणी व्यासों का चौक, बारहगुवाड़, नत्थूसर गेट होती हुई यज्ञ स्थल पहुंचेगी। कलश यात्रा में 101 महिलाएं सिर पर मंगल कलश धारण कर मंगल गान करती हुई यात्रा में सम्मिलित होंगी। वहीं कलश यात्रा में 151 वेदपाठी ब्राह्मण, संत-महात्मा, यज्ञ के यजमान एवं नगर के गणमान्यजन, बैण्ड, रथ, सचेतन झांकियां शामिल होंगी।याज्ञिक सम्राट पं. बंशीधर ओझा ने बताया कि श्री हरिहर महायज्ञ एवं चतुर्वेद संहिता पारायण का शुभारंभ 13 दिसंबर को गणेश पूजन, ब्राह्मण वरण, अरणि मंथन, वेदी पूजन, चतुर्वेद पारायण एवं ध्वनारंभ के साथ होगा। 14 से 20 दिसंबर तक प्रतिदिन यथाक्रम पूर्वाह्न में पूजन, हवन, मध्याह्न में विश्राम, अपराह्न में हवन सांय 5 बजे आरती का क्रम चलता रहेगा। 21 दिसंबर को महायज्ञ की पूर्णाहूति के अवसर पर यथाक्रम पूजन, दीप मालिकाके साथ सांय 4 बजे पूर्णाहूति विसर्जन कार्यक्रम सम्पन्न होंगे।पं. बंशीधर ओझा के अनुसार भारतवर्ष में प्रथम बार अभूतपूर्व चक्राब्ज कुण्ड सहित हरिहर महायज्ञ के 9 दिवस में करीब 7 सात लाख आहूतियां वेदमंत्रों के साथ दी जाएगी। महायज्ञ के दौरान विशिष्ट कार्य प्रयोजनार्थ नौ ग्रहों की आकृति के अनुसार नौ हवन कुण्डों का निर्माण किया गया है। महायज्ञ के दौरान नानी बाई रो मायरो का कथावाचन पं. हरिराम जोशी चैन्नई द्वारा किया जाएगा तथा महात्माओं व विद्वानों के द्वारा भी प्रवचन होगा। आयोजन समिति के पं. प्रहलाद दास ओझा ने बताया कि पं. जुगलकिशोर ओझा (पुजारी बाबा), संत लाल बाबा, पं. सुंदरलाल ओझा, पं. आशानंद किराडू, पं. नथमल पुरोहित के पावन सान्निध्य में हो रहे इस महायज्ञ के आचार्य पं. भागीरथ ओझा व ब्रह्मा पं. गोरखा महाराज ओझा होंगे। इस महायज्ञ की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। बीकानेर सहित आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों व बीकाने से बाहर से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन दर्शनार्थ हेतु बीकानेर पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं के लिए यज्ञ मण्डप की परिक्रमा तथा प्रवचन श्रवण के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। महायज्ञ आयोजन समिति अध्यक्ष सूरजकरण ओझा ने बताया कि महायज्ञ के सफल आयोजन के लिए शंकर पुरोहित, भंवरलाल ओझा, दाऊलाल छंगाणी, एस.एन. बोहरा, के.के. छंगाणी, शिवशंकर पुरोहित, शंकर किराडू, रतना महाराज, विजय कुमार ओझा, नमामीशंकर ओझा, पं. किशनलाल ओझा, पागा महाराज छंगाणी, पार्षद दुर्गादास छंगाणी, विमल आचार्य, सत्यप्रकाश आचार्य, भैंरूरतन, सत्यनारायण को विभिन्न व्यवस्थाओं की जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

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