Monday, 20 September 2021

KhabarExpress.com : Local To Global News
  2553 view   Add Comment

श्रीशताक्षरी गायत्री लघु पुरश्चरण का आयोजन

यज्ञशाला में गुरुजनों का सम्मान किया गया ,सेवा संस्थाओं का होगा सम्मान

बीकानेर। नत्थुसर गेट के बाहर ओझा सत्संग भवन में चल रहे चन्द्रपक्ष कुण्डात्मक पञ्चामृत महोत्सव के अन्तर्गत  उत्तराखण्ड में अतिवृष्टि, वज्रपात, भूस्खलन में दिवंगत आत्माओं की शांति एवं जीव की सद्गति की कामना को लेकर श्रीशताक्षरी गायत्री लघु पुरश्चरण का आयोजन हुआ। पण्डित गोरखा महाराज के सानिध्य में ५१ वेदपाठी ब्राह्मणों द्वारा शताक्षरी गायत्री महामंत्री का जाप कर भैरव महायज्ञ में आहूतियां दी गई। यज्ञाचार्य पण्डित अशोक ओझा के आचार्यत्व में स्वर्णाकर्षण सियाणा भैरव महायज्ञ में यजमानों द्वारा सपत्नीक आहूतियां देने का क्रम भी जारी रहा। इससे पूर्व पण्डित राजा ओझा, द्वारा गणेश पूजन, नवग्रह पूजन, मातृका पूजन, मण्डपस्थ देवता पूजन, वेदि पूजन, व प्रधान पीठ का पूजन, मंत्रोच्चारण के बीच करवाया गया। ऋग्वेद एवं यजुर्वेद के मंत्रोच्चारण द्वारा पुण्याह वाचन किया गया। महोत्सव के अन्तर्गत बुधवार को सत्संग परिसर में दिनभर शताक्षरी गायत्री महामंत्र का जाप व भैरव महामंत्र से महायज्ञ में दी जा रही आहूतियों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान रहा। भवन परिसर में स्थापित कीं गई सियाणा भैरव की नूतन प्रतिमा का अभिषेक, पूजन व श्रृंगार कर महाआरती की गई। समिति के भंवरलाल ओझा ने बताया कि पण्डित गोरखा महाराज, पण्डित बंशीधर ओझा, पण्डित प्रहलाद से सानिध्य में बसंत, बटुक प्रसाद, आशीष भादाणी, कालीचरण, नमामी शंकर, विनोद शास्त्री, विजय ओझा इत्यादि ने अभिषेक, पूजन कर महाआरती की। किशन लाल ओझा, रतन लाल ओझा, दाऊलाल, राजकुमार, शंकर लाल, अमरचन्द ओझा, शेर महाराज इत्यादि ने अपनी सेवाएं दी। भैरव महायज्ञ के दर्शनार्थ बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंहुचें।

गुरुजनों का किया सम्मान

चन्द्रपक्ष कुण्डात्मक पञ्चामृत महोत्सव के अन्तर्गत  यज्ञशाला में गुरुजनों का सम्मान किया गया। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के कारण शिवराज छंगाणी, रामजी व्यास, रमेश व्यास व गोरधन छंगाणी का सम्मान किया गया। याज्ञिक सम्राट पं.बंशीधर ओझा, गोरक्षा महाराज व पं.प्रहलाद ओझा ने गुरुजनों को प्रशस्ति पत्र, श्रीफल व दुपट्टा प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर साहित्यकार शिवराज छंगाणी ने कहाकि गुरुजनों का सम्मान व उनके प्रति श्रद्धा भाव भारतीय संस्कृति की विशिष्ट परम्परा हैं। शिष्य लक्ष्य के प्रति समर्पित भाव से गुरुओं के मार्गदर्शन में जीवन का लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं।

मित्रता में अहम नहीं समर्पण भाव जरुरी

पञ्चामृत महोत्सव के अन्तर्गत ओझा सत्संग भवन में चल रही भागवत कथा के दौरान बुधवार को सुदामा चरित्र कथा प्रसंग का व्याख्यान हुआ। कथा वाचक कपिल देव श्री जी महाराज ने कहा कि भगवान ने अपने बाल सखा सुदामा के प्रति जो प्रेम, वात्सलय, समर्पण भाव व्यक्त किया वह अनुपम हैं। मित्र आगमन के समाचार सुनकर नंगे पाव ही मित्र के स्वागत के लिए पंहुचकर न केवल मित्र का पालन किया बल्कि सुदामा के प्रति अपनी घनिष्ठा को व्यकत कर संदेश दिया। उन्होंने कहाकि मित्रता में अहम नहीं समर्पण का भाव होना चाहिए। एक-दूसरे के सम्मान की भावना रहनी चाहिए। मित्र की सहायता के लिए हर समय तत्पर रहना चाहिए व मित्र का पथ प्रदर्शक भी बनना चाहिए। कथा वाचन के दौरान कृष्ण-सुदामा मिलन की सजीव झांकी प्रदर्शित की गई। इससे पूर्व राधेश्याम जोशी व उनकी धर्मपत्नी बाया देवी ने भागवत कथा का पूजन कर आरती की। पण्डित गोरखा महाराज ओझा ने चतुर्वेदोक्त मंत्रोच्चारण के साथ कथा वाचक कपिल देव महाराज का पूजन-अभिनंदन किया।

महायज्ञ की पूर्णाहुति आज, सेवा संस्थाओं का होगा सम्मान

चन्द्रपक्ष कुण्डात्मक पञ्चामृत महोत्सव में ३१ अगस्त से चल रहे स्वर्णाकर्षण श्री सियाणा भैरव महायज्ञ की पूर्णाहुति गुरुवार को होगी। आयोजन समिति के पण्डित राजा ओझा के अनुसार महायज्ञ की पूर्णाहुति पर चन्द्रपक्ष हवन कुण्ड में विशेष आहूतियां दी जाएगी। महायज्ञ की पूर्णाहुति के अवसर पर कोलायत विधायक देवी सिंह भाटी व बीकानेर पश्चिम विधायक डॉ.गोपाल जोशी अतिथि रुप में उपस्थित होंगे। इस अवसर पर सियाणा भैरव मेले के दौरान पद यात्रियों की सेवा करने वाली संस्थाओं का सम्मान किया जाएगा।

Tag

Share this news

Post your comment