Monday, 20 September 2021

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चेतन है बीकानेर के धूणे, कडाके की ठंड ने किया धूणों को आबाद

चेतन है बीकानेर के धूणे, कडाके की ठंड ने किया धूणों को आबाद बीकानेर में कडाके की ठण्ड पड रही है। इस ठण्ड से बचने के लिए इस शहर में लोग आग तपते हैं। यहां की भाषा में इसे धूणी कहते हैं। इस धूणी पर लोग बैठ कर आग तपते हैं और ठण्ड भगाते हैं। बीकानेर में पाटों पर बैठ कर बतियाने की परम्परा सैकडों वर्ष पुरानी है।

चेतन है बीकानेर के धूणे, कडाके की ठंड ने किया धूणों को आबाद

ston for Dhuni(fire) at Nathusar Gate, Bikanerबीकानेर में कडाके की ठण्ड पड रही है। इस ठण्ड से बचने के लिए इस शहर में लोग आग तपते हैं। यहां की भाषा में इसे धूणी कहते हैं। इस धूणी पर लोग बैठ कर आग तपते हैं और ठण्ड भगाते हैं। बीकानेर में पाटों पर बैठ कर बतियाने की परम्परा सैकडों वर्ष पुरानी है। गर्मी में जहां पाटों का प्रयोग होता है वहीं सर्दी में यह काम धूणी करती है। धूणी पर ठण्ड भी खत्म और बातों का सिलसिला भी शुरू। बातों ही बातों में सारे जहां की खबर और बातों की बात में सर्दी का उपाय। यह धूणी अपने आप में जहां सामाजिक समरसता का प्रतीक है वहीं सामाजिक सरोकारों से भी जुडी है। देर रात तक चौक में बैठ कर बातें करने से जहां रात को पहरेदारी हो जाती है वहीं दूसरा पहलू यह भी है कि सारे सामाजिक कार्य इस धूणी पर बैठ कर डिसकस कर लिए जाते हैं। पाटा संस्कृति वाले इस शहर में धूणी का अपना इसी कारण विशेष महत्व है। धूणी पर आप वैसे ही नहीं बैठ सकते जो बैठता है उसे आग के प्रबंध की व्यवस्था करनी पडती है। या तो वह लकडी लाए या गोबर के उपले या अपना आर्थिक सहयोग प्रदान करे ताकि इसकी व्यवस्था हो सके। सर्दी से बचना है तो थोडी जेब तो ढीली करनी ही पडेगी और फिर बातों का शौक जो ठहरा। बातों ही बातों में सारी रात कट सकती है।
Dhuni(Fire) at Nathusar Gate, Bikanerधूणी शुरू करने का भी अपना विशेष दिन है और वह दिन है भैरवअष्टमी। भैरवअष्टमी को शुरू हुयी धुणी होली के दिन सम्पन्न हो जाती है। होली के बाद आपको बीकानेर शहर में धूणी जलती शायद ही नजर आए और सारे लोग वापस लौट जाते हैं पाटों की ओर।
कुछ धूणियाँ शहर में काफी प्रसिद्ध है उनमें से प्रमुख हैः नत्थूसर गेट के बाहर स्थित घेटड महाराज का धूणा। इस धूणे पर इस इलाके के प्रसिद्ध लोग आपकों रात को बैठे मिल जाएंगे। यह धूणा करीब पचास साल पुराना है और हाल ही में इसका नवनिर्माण नगर परिषद बीकानेर की ओर से करवाया गया है। इस धूणे पर घेटड महाराज के साथ बालू महाराज भी पूरी व्यवस्था में लगे रहते हैं। अंतर्राष्ट्रीय पहलवान व लिम्का बुक रिकार्डी नृसिंह लाल किराडू उर्फ मनोर जी, मूलचंद रंगा उर्फ नीना भईजी, बैंडमिंटन के राष्ट्रीय खिलाडी मंगलचंद रंगा, हूकमचंद ओझा डगर कॉलेज बीकानेर के खेल अधिकारी सहित कईं ऐसे लोग है जो इस धूणे पर आपको रोज नजर आएंगे। घेटड महाराज जिनकी उम्र अस्सी से ऊपर है वे बीकानेर के चलते फिरते इनसाइकलोपीडिया हैं।
Dhuni (Fire) enjoying at Harshon Ka Chowk, Bikanerबारहगुवाड स्थित जबरेश्वर धूणा करीब दो स साल पुराना है इस धूणे पर बारहगुवाड चौक के प्रतिष्ठित लोग आकर बैठते हैं। किसी जमाने में इस धूणे पर एक बाबा बैठते थे जिनके चमत्कार काफी प्रसिद्ध रहे। इस धूणे पर वर्तमान में किसन ओझा, भाईया महाराज, बटाल महाराज, ललित छंगाणी, ईसर महाराज, शेर महाराज, मनु भाईजी, नू महाराज सहित भंवरा, आईया व काफी लोग आपको नजर आएंगे। इस धूणे पर राजनीति व समाज से जुडे कई मुद्दों पर बहस होती है।
इसी तरह डागा चौक स्थित धूणा दाउ जी के पान की दुकान के पास स्थित है। यह धूणा गोपाल जी कल्ला के सानिध्य में चलता है। इस धूणे पर शहर कांग्रेस के अध्यक्ष जनार्दन कल्ला, राजस्थान प्रदेश काँग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बी डी कल्ला सहित गौरी शंकर जी व्यास, हनुमान सिपाणी, सत्यनारायण अग्रवाल, रामजी रंगा, घोटा महाराज सहित बीकानेर के प्रसिद्ध व्यवसायी व राजनितीज्ञ आपको देर रात तक दिखाई दे जाएंगे। यह धूणी अपने आप में सारे शहर में चर्चा का केंद्र रहती है। इसी तरह हर्षों के चौक स्थित धूणी भी काफी प्रसिद्ध है। इस धूणी पर शहर काँग्रेस के अध्यक्ष जनार्दन कल्ला प्रतिदिन मिलते ह। इसी के साथ परमेश्वर जी बोहरा, गन्ना बोहरा, भंवर जी Dhuni at Barahguwad Chowk of Bikaner, Rajasthanव्यास, सेवग जी, कंवर लाल बोहरा, महेश, बालकिसन हर्ष, किसन सेवग, मोहन सेवग सहित काफी बुजुर्ग लोग आपको नजर आएंगे। वर्तमान में यह धूणा शहर का सबसे चर्चित धूणा है। इसी तरह सोनारों के चौक में, किकाणी व्यासों के चौक में, नत्थूसर गेट के अंदर, लालाणी व्यासों के चौक में, बिन्नाणी चौक सहित बीकानेर के हर चौक व नुक्कड पर आपको धूणे नजर आएंगे।

हमने आपको परिचित करवाया है बीकानेर की धूणा संस्कृति से । आगे भी हम इसमें कईं और अंक जोडते रहेंगे और हमारा प्रयास रहेगा कि इसमें शहर के सारे धूणे समाहित हो। अगर आप भी इसमें अपनी जानकारी देना चाहते हैं तो हमें ईमेल करें।

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