Monday, 20 September 2021

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जेल में गुण्डे जश्न मनाते, दुःख पाते है तपधारी

उस्ताद जमना दास कल्ला की स्वांग मेहरी रम्मत मंचित

बीकानेर, लटियाल कला केन्द्र के बैनर तले सोमवार को कीकाणी व्यासों के चौक मे उस्ताद जमना दास कल्ला की स्वांग मेहरी रम्मत का मचंन उस्ताद फूना महाराज के निर्देशन में हुआ। रविवार मध्य रात्रि से प्रारभ्भ होकर सोमवार सुबह तक मंचित हुयी रम्मत का शुभारभ्भ अखाडे में मां लटियाल स्वरूप के पदार्पण, श्रद्धालुओं द्वारा मां लटियाल की पूजा-अर्चना, स्तुति-वंदना के साथ हुआ। लटियाल भवानी के दर्शनाथ हेतु कीकाणी व्यास के चौक में श्रद्धालुओं की भीड उमड पडी। उपस्थित श्रद्धालु मां लटियाल के चरण स्पर्श के लिये लालायित रहे। तत्पश्चात चौमासा गीत में ’बिन पाणी ज्यो तडपै मछली तडपे घर री ना‘‘ के माध्यम से पत्नी की पति से दूरी तथा चौमासा में घर आने की मनुहार की गयी। वही ख्याल गीत के माध्यम से जनसमस्याओं, राष्ट्रीय समस्याओं पर कटाक्ष किये गये। राजनीति व राजनेताओं पर निशाना भी साधा गया। ख्याल गीत में ’धृतराष्ट्र मनमोहन सिंह जी, राज चलाती इक नारी, दो कोडी के नही थे वे अब अरबपति कहलाते है, जेल में गुण्डे जश्न मनाते, दुख पाते है तपधारी आदी के माध्यम से करारे व्यग्ंय खुलेआम किये गये। 

रम्मत टीम के कलाकार
उस्ताद जमना दास कल्ला की स्वांग मेहरी रम्मत के मंचन में उस्ताद फूना महाराज, मदन गोपाल व्यास, राम किशन व्यास, कपिल ओझा, जगुल नेता, झमू मस्तान, रवि ओझा, नथमल ओझा, श्याम सुन्दर ओझा, एसपी, द्वारका दास पुरोहित आसू पंडित,सनू ओझा, गोपी किशन ओझा ने भूमिकायें निभाई। बाल कलाकार गोविन्द ओझा ने मां लटियाल की भूमिका निभाई। नगाडे पर गजानंद बिस्सा व रवि ओझा ने संगत दी। 

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