लोकायन के तत्वावधान में ही होगी कबीर यात्रा
जिला न्यायालय ने कबीर यात्रा के संयुक्त आयोजन को दी स्वीकृति
बीकानेर, 29 सितम्बर। राजस्थान कबीर यात्रा पर जिला न्यायालय में दायर वाद और अन्तरिम निषेधाज्ञा की अर्ज़ी पर आज सुनवाई के बाद जिला न्यायाधीश अतुल कुमार सक्सेना ने दोनों पक्षों की आपसी समझाईश और लोक हित को देखते हुए कबीर यात्रा आयोजन में लोकायन को आयोजक बनाने का अन्तरिम आदेश पारित किया।
लोकायन संस्थान के चंद्रेश कुमार व रोहित बोडा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि न्यायालय के आदेशानुसार कबीर यात्रा अब लोकायन और मलंग फोक फाउंडेशन के संयुक्त आयोजन में आयोजित होगी। वाद में दायर अन्य बिन्दुओं (कार्यकारिणी चुनाव को अवैध करार देना, वित्तीय अनियमितताओं और लोकायन के बैनर तले होने वाले सभी आयोजनों को किसी और संस्था द्वारा न करने देने इत्यादि) पर सभी पक्षों की सुनवाई के लिए 30 अक्टूबर की तारीख़ तय की है।
ज्ञात रहे कि इस बार होने वाली राजस्थान कबीर यात्रा के आयोजन में मलंग फोक फाउंडेशन द्वारा लोकायन की जगह स्वयं को आयोजक होना प्रचारित किया। इस पर लोकायन संस्थान और इसके सदस्यों के हितों की रक्षा के लिए संस्था के कोषाध्यक्ष और कार्यकारिणी सदस्यों द्वारा प्रतिनिधत्व वाद पेश किया गया था जिस पर आज सुनवाई हुई।
कबीर यात्रा की शुरुआत लोकायन ने की थी और अब तक सात संस्करणों में लोकायन ही आयोजक था लेकिन इस बार मलंग फोक फाउंडेशन ने खुद आयोजक होने का प्रचार-प्रसार किया जिसके खिलाफ न्यायलय में वाद दायर किया गया था। लोकायन के सचिव ही मलंग फोक फाउंडेशन के निदेशक हैं जिन्होंने संस्था के निष्क्रिय होने की बात कह कर इसे मलंग फोक फाउंडेशन द्वारा आयोजित करने की सूचना प्रसारित की।
न्यायलय ने सांस्कृतिक महत्व, लोक कलाओं व सूफी संगीत की बेहतरी के लिए आयोजित कबीर यात्रा के आयोजन में संस्थाओं के विवाद की वजह से आयोजन न होने देने के निर्णय से होने वाली क्षति को ध्यान में रखते हुए मलंग फोक फाउंडेशन को निर्देशित किया कि लोकायन और मलंग के संयुक्त तत्वावधान में यह आयोजन हो।
न्यायधीश के इस आदेश पर दोनों पक्षों में सहमति बनी कि दिनांक 1 अक्टूबर से 5 अक्टूबर तक बीकानेर, कलासर, छतरगढ़, कालू और कतरियासर में कबीर यात्रा के कार्यक्रम लोकायन और मलंग फोक फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किये जाए।